मोरहर ने मार्गों की आवाजाही रोकी

Updated at : 09 Aug 2018 5:12 AM (IST)
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मोरहर ने मार्गों की आवाजाही रोकी

मखदुमपुर : जिले में मोरहर नदी उफान पर है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है. नदी किनारे बसे लोगों का जिला एवं प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. मोरहर नदी में आये अधिक पानी से रतनी प्रखंड के नारायणपुर पंचायत एवं सिकंदरपुर पंचायत के हजारों बच्चे शिक्षा ग्रहण […]

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मखदुमपुर : जिले में मोरहर नदी उफान पर है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है. नदी किनारे बसे लोगों का जिला एवं प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. मोरहर नदी में आये अधिक पानी से रतनी प्रखंड के नारायणपुर पंचायत एवं सिकंदरपुर पंचायत के हजारों बच्चे शिक्षा ग्रहण करने से वंचित हो गये हैं.

जिले में मोरहर नदी में पुल बहुत ही कम है. गया जिले मेन गांव के बाद मोरहर नदी पर इकिल गांव के समीप एक मात्र पुल बना है, जिससे खासकर नारायणपुर पंचायत के मछियारा, पतियामा, सरैया, सलेमपुर, रामपुर, धर्मपुर, घेजन, नारायणपुर, सिकंदरपुर, पंचायत के पृजपुरा, सरैया, गलिमापुर समेत सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है. मेन पुल से इकिल पुल की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है, जिससे इलाके के लोगों को लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है. वहीं जरूरी कार्य से बाजार जाने वाले लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं. मखदुमपुर प्रखंड के पश्चिमी इलाके से गुजरी मोरहर नदी दो जिलों को जोड़ती है, लेकिन पुल नहीं रहने से परेशानी हो रही है.

नागा बगीचा बांध टूटा, धर्मपुर, जई बिगहा रोड बंद : मोरहर नदी में आये अधिक पानी से नारायणपुर गांव के समीप नागा बगीचा बांध टूट गया है. बांध टूटने से जई बिगहा-धर्मपुर रोड पर आवाजाही बाधित हो गयी है. जई बिगहा के समीप मोरहर नदी पर बना पुल पिछले वर्ष आयी बाढ़ में ध्वस्त हो गया था. जई बिगहा पुल मखदुमपुर से रतनी प्रखंड को जोड़ने के लिए बाईपास का काम करता था. पुल ध्वस्त रहने से इलाके के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. वहीं, बाला बिगहा के समीप भी घेजन-पाई बिगहा पथ पर भी आवाजाही बंद हो गयी है.
पुल निर्माण के लिए हुए हैं कई आंदोलन :
मोरहर पर बाला बिगहा और जई बिगहा एवं दरधा नदी पर पाई बिगहा के समीप पुल निर्माण के लिए कई आंदोलन हो चुके हैं. किसान विकास समिति के वैनर तले किसानों ने सत्याग्रह, चक्का जाम, पाई बिगहा बाजार बंदी, मखदुमपुर बाजार बंदी समेत कई आंदोलन भी किये हैं. इलाके के लोग सूबे के मंत्री ललन सिंह, पर्यटन मंत्री प्रमोद सिंह, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, लोकसभा सांसद अरुण कुमार, राजसभा सांसद आरसीपी सिंह, विधायक सुदय यादव, सूबेदार दास , पूर्व विधायक अभिराम शर्मा से मिलकर गुहार भी लगायी है, लेकिन नतीजा सिफर निकला. विधानसभा चुनाव के समय कई राजनेताओं ने भी पुल निर्माण का आश्वासन दिया था.
बच्चों के शिक्षा लेने
पर लगा ग्रहण
मोरहर नदी में पानी आते ही रतनी प्रखंड के नारायणपुर पंचायत के बच्चों को शिक्षा लेने पर ग्रहण लग गया है. पंचायत में बने हाईस्कूल में पढ़ाई की सुविधा नहीं रहने के कारण मोरहर नदी के जई बिगहा पुल पारकर सागरपुर मिडिल स्कूल और हाईस्कूल जाते हैं. इस बाबत सागरपुर मिडिल स्कूल के हेडमास्टर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि नदी में पानी आने से सैकड़ों बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं. राज्य सरकार और जिला प्रशासन को बच्चों के भविष्य को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए.
दो जिलों को जोड़ता है बाला बिगहा पुल
मोरहर नदी का बाला बिगहा पुल दो जिलों के साथ छह विधानसभाओं को जोड़ता है. ये जहानाबाद जिले के जहानाबाद, मखदुमपुर, अरवल के कुर्था, गया जिले के टेकारी, बेलागंज समेत छह विधानसभा को जोड़ता है.
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