निजी एंबुलेंस के सहारे मरीज
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सदर अस्पताल में एंबुलेंस की है कमी कई माह से बंद है 108 एंबुलेंस की सेवा जहानाबाद नगर : मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन भी मरीज की बेहतर देखभाल के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है हालांकि अभी भी […]
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सदर अस्पताल में एंबुलेंस की है कमी
कई माह से बंद है 108 एंबुलेंस की सेवा
जहानाबाद नगर : मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन भी मरीज की बेहतर देखभाल के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है
हालांकि अभी भी कई ऐसे बुनियादी चीजें हैं जिन्हें दुरुस्त करने की जरूरत है तभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पायेगी. सदर अस्पताल में यूं तो सरकार द्वारा कई एंबुलेंस उपलब्ध करायी गयी है, लेकिन वर्तमान समय में एंबुलेंस की घोर कमी है. मात्र दो एंबुलेंस के सहारे मरीजों को लाने-ले जाने का काम चल रहा है. ऐसे में मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है जिसके लिए उन्हें मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है. सदर अस्पताल में 102 एंबुलेंस का परिचालन हो रहा है, जबकि 108 एंबुलेंस का परिचालन विगत कई माह से बंद पड़ा है. ऐसे में सिर्फ दो एंबुलेंस के सहारे मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास हो रहा है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1000 मरीजों का इलाज होता है. इसमें करीब 700 मरीज ओपीडी इलाज कराने पहुंचते हैं, जबकि इमरजेंसी, ओटी, प्रसव केंद्र, एसएनसीयू आदि में बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं.
इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा की दरकार होती है. वहीं प्रसव केंद्र में आने वाली गर्भवती महिलाओं को भी एंबुलेंस की जरूरत पड़ती है. ऐसे में सिर्फ दो एंबुलेंस से सभी मरीजों को सुविधा उपलब्ध नहीं पाती है. सदर अस्पताल में 1099 तथा आईएपी योजना के तहत भी एंबुलेंस उपलब्ध करायी गयी है, लेकिन ये सभी एंबुलेंस चार्जेबुल हैं जो नौ रुपये प्रति किलोमीटर चार्ज करता है. ऐसे में अधिकांश मरीज 102 एंबुलेंस की सेवा लेना चाहते हैं. जब उन्हें इसकी सेवा नहीं मिलती है तब वे निजी एंबुलेंस का सहारा लेते हैं. 102 एंबुलेंस प्रतिदिन एक-दो इमरजेंसी मरीजों को ही ढो पाती है.
अधिकांश समय वह डिलिवरी केस को लाने-ले जाने में व्यस्त रहता है. यह एंबुलेंस नवजात शिशु, गर्भवती महिला, सीनियर सिटीजन, रोड एक्सिडेंट तथा बीपीएल पेसेंट को फ्री में उपलब्ध होती है. वहीं कालाजार पीड़ित मरीज को भी 102 एंबुलेंस की सुविधा नि:शुल्क दी जाती है. ऐसे में सभी मरीज इसी एंबुलेंस की सेवा लेना चाहते हैं.
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने पर कई बार हुआ है हंगामा :अस्पताल में इलाज कराने आये इमरजेंसी मरीज को जब एंबुलेंस की दरकार होती है और उसे समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाती है तो ऐसे में मरीजों के परिजनों द्वारा हंगामा किया जाता है. ऐसा कई बार हो चुका है, जिसमें अस्पताल को काफी नुकसान भी पहुंचा है.
हालांकि एंबुलेंस की कमी के कारण सभी मरीजों को ससमय एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराना संभव भी नहीं दिखता है. अधिकांश मरीज नि:शुल्क सेवा चाहते हैं. ऐसे में उनके द्वारा 1099 तथा रोगी कल्याण समिति द्वारा संचालित एंबुलेंस की सुविधा नहीं ली जाती है. जिससे लोगों को परेशानी होती है.
सदर अस्पताल में 108 एंबुलेंस भी उपलब्ध है, लेकिन इसकी सेवा कई माह से बंद पड़ी है. पूर्व में जिस एजेंसी द्वारा 108 एंबुलेंस का संचालन कराया जाता था उस एजेंसी ने काम छोड़ दिया है जिसके बाद से यह सेवा बंद पड़ी है. 108 एंबुलेंस की सेवा बंद होने के बाद से ही 102 एंबुलेंस पर मरीजों को लाने-ले जाने का दवाब बढ़ा हुआ है. ऐसे में अधिकांश मरीज इस सेवा से वंचित हो जा रहे हैं.
दो एंबुलेंस हमेशा रहना चाहिए
सदर अस्पताल में दो एंबुलेंस हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिये, ताकि मरीज को तत्काल उसकी सुविधा मिल सके. एंबुलेंस की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पाता है. जब एंबुलेंस मरीज को लाने या छोड़ने जाता है तो उस दौरान अगर किसी मरीज को इसकी जरूरत पड़ती है तब उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है.
अंबुज कुमार, टीम लीडर, 102 एंबुलेंस
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