एनएच 83 में मुआवजे का पेच
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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189 हेक्टेयर भूमि का किया गया है अधिग्रहण नयी दर से भुगतान की कर रहे है मांग पर्यटन के लिहाज से राज्य की सबसे महत्वपूर्ण है यह सड़क जहानाबाद (नगर) : पर्यटन के लिहाज से राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सड़क पटना-गया-डोभी एनएच 83 को फोरलेन बनाने का कार्य तीन वर्षों से चल रहा है. वर्ष […]
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189 हेक्टेयर भूमि का किया गया है अधिग्रहण
नयी दर से भुगतान की कर रहे है मांग
पर्यटन के लिहाज से राज्य की सबसे महत्वपूर्ण है यह सड़क
जहानाबाद (नगर) : पर्यटन के लिहाज से राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सड़क पटना-गया-डोभी एनएच 83 को फोरलेन बनाने का कार्य तीन वर्षों से चल रहा है. वर्ष 2018 तक इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य एनएचआइ द्वारा निर्धारित किया गया है, लेकिन अधिग्रहित जमीन का मुआवजा लेने में किसानों की अभिरुचि नहीं रहने के कारण यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो जाये, ऐसा लगता नहीं है. पटना-गया-डोभी के बीच बनने वाले इस फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य कई महीनों तक केंद्र सरकार की जिद्द में फंसा रहा.
जिन किसानों का जमीन सड़क के लिए अधिग्रहित किया जा रहा था, उन किसानों की मांग थी कि उन्हें सरकारी दर से चार गुणा मुआवजा मिले. केंद्र व राज्य सरकार के बीच जिच में फंसे इस कार्य को एनएचआइ द्वारा निष्पादित किया गया तथा किसानों को सरकारी दर से चार गुणा मुआवजा राशि देने की घोषणा की गयी.
इस घोषणा के बाद कई किसानों ने मुआवजे की राशि ले ली, लेकिन शहरी क्षेत्र के किसानों ने इस दर पर भी मुआवजे की राशि लेने में अपनी अभिरुचि नहीं दिखायी. इन किसानों की मांग है कि उनकी जमीन की कीमत काफी अधिक है, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित दर काफी कम है. ऐसे में निर्धारित दर से चार गुणा लेने पर उन्हें काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है. इस कारण किसान मुआवजे की राशि लेने से बारबार इनकार कर रहे हैं.
मुआवजे के लिए शिविर में नहीं आ रहे किसान
पटना-गया-डोभी एनएच 83 के निर्माण के लिए जिले के 35 गांवों की 189.645 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है. इन अधिग्रहित जमीन के लिए मुआवजे की राशि को भुगतान कररने की प्रक्रिया जारी है.
भू-अर्जन विभाग द्वारा अब तक 199.24 करोड़ रुपये की राशि किसानों के बीच बांटी गयी है, जबकि विभाग के पास 301.57 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ है. विभाग द्वारा अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने के लिए बारबार संबंधित गांवों में शिविर लगाया जा रहा है, लेकिन किसान मुआवजे की राशि लेने नहीं पहुंच रहे हैं. हालांकि निर्माण में लगी एजेंसी द्वारा वैसे स्थानों पर सड़क की भराई करायी गयी है, जहां या तो सरकारी जमीन है या फिर जिस मौजे के किसानों द्वारा पूरी तरह से मुआवजे की राशि ले ली गयी है.
सड़क निर्माण के लिए एनएचआइ द्वारा जितनी जमीन का अधियाचना दिया गया था, उतनी जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है. किसानों के बीच 199.24 करोड़ की राशि का भुगतान करा दिया गया है. कुछ किसान मुआवजा लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. इसके लिए विभाग द्वारा बारबार संबंधित गांवों में शिविर लगाया जा रहा है.
उमाकांत पांडेय, भू-अर्जन पदाधिकारी
पर्यटन के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है यह सड़क
पटना-गया-डोभी एनएच 83 पर्यटन की दृष्टि से राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है. यह सड़क ऐतिहासिक पर्यटन स्थल बोधगया से होकर गुजरती है, जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटकों के साथ बौद्ध धर्मावलंबी पूजा करने पहुंचते हैं. बोधगया की महत्ता को देखते हुए पर्यटकों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर पटना-गया-डोभी मार्ग को फोरलेन में बदलने का कार्य आरंभ हुआ था, लेकिन जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजे की राशि को लेकर किसानों में असंतोष के कारण फोरलेन निर्माण का कार्य अब भी फंसा हुआ है.
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