ePaper

महिलाओं को जागरूक करेंगी जीविका दीदियां

Updated at : 27 Jul 2024 10:27 PM (IST)
विज्ञापन
महिलाओं को जागरूक करेंगी जीविका दीदियां

लैंगिक समानता को लेकर जीविका दीदियों को मिला प्रशिक्षण

विज्ञापन

जमुई. जिला जीविका इकाई द्वारा मुख्यालय स्थित एक निजी होटल में जेंडर एकीकरण दृष्टिकोण पर आधारित लैंगिक समानता को लेकर आयोजित प्रशिक्षण शनिवार को सम्पन्न हो गया. जीविका संचार प्रबंधक सुनीता कुमारी ने बताया कि कार्यक्रम में समस्तीपुर, मुंगेर, गया व जमुई जिला के जिला एवं प्रखंड रिसोर्स पर्सन का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम था. प्रशिक्षण सत्र के अंतिम दिन शनिवार को सभी प्रतिभागियों को डीपीएम जीविका संजय कुमार द्वारा प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया.

लैंगिक भेदभाव की शिकार महिलाओं की होगी सहायता

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से समाज में चल रहे लिंग आधारित भेदभाव व महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति किस तरह से सजग रहना है, इसकी जानकारी दी गयी. यहां से प्रशिक्षित सभी अपने-अपने जिले में ट्रेनर का काम करेंगे और लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह रोकथाम व समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने को लेकर जागरूक करेंगे. जीविका परियोजना द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के उत्थान को लेकर समय-समय पर विभिन्न कार्य किये जाते रहे हैं. हाल ही में राज्य के सभी जिलों में दीदी अधिकार केंद्र की स्थापना की गयी है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों से रूबरू कराना, उनके अधिकारों के प्रति सजग करना एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाना शामिल है. जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड में दीदी अधिकार केंद्र स्थापित किया गया, जबकि समस्तीपुर जिले में पांच, गया में छह व मुंगेर जिले में तीन दीदी अधिकार केंद्र स्थापित किये गये हैं. प्रबंधक सामाजिक विकास, जमुई रविंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण को कराने का मुख्य उद्देश्य यही है कि सभी जिलों से आये प्रशिक्षक अपने-अपने जिले में संचालित “दीदी अधिकार केंद्र” के माध्यम से दीदियों को जागरूक करने में मदद करेंगे. “दीदी अधिकार केंद्र” जीविका परियोजना का एक नवीनतम नवाचार है, इसके माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लैंगिक भेदभाव की शिकार महिलाओं की सहायता की जायेगी. इस केंद्र में पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर समस्या का समाधान मिल सकेगा.

लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह को रोकने में मिलेगी मदद

टीम के प्रशिक्षक सुबोध, भारती एवं आकांक्षा ने बताया गया कि लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह को रोकने तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए यह प्रशिक्षण आवश्यक था. प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया, समस्तीपुर जिले की प्रतिभागी अर्चना कुमारी ने बताया कि इस चार दिवसीय प्रशिक्षण में इतनी समझ बन चुकी है की हम अपने जिले की जीविका दीदियों को लैंगिक समानता के बारे में बता सकें. प्रबंधक सामाजिक विकास, गया राकेश कुमार ने बताया की इस प्रशिक्षण के माध्यम से जो हमने सीखा है, वह अब हम अपने कम्युनिटी को बेहतर तरीके से बता सकते हैं. आने वाले समय में दीदी अधिकार केंद्र के माध्यम से जीविका दीदियां अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना सीखेंगी. मौके पर प्रबंधक सामाजिक विकास जमुई रविंद्र कुमार, प्रबंधक सामाजिक विकास समस्तीपुर सैयद मो. हसनेन, प्रबंधक सामाजिक विकास गया राकेश कुमार सिंह, मुंगेर से पीयूष कुमार, प्रशिक्षण अधिकारी राखी कुमारी, कार्यालय सहायक कासिम सहित कई प्रतिभागी शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन