कैंप लगाकर आयुष्मान भारत योजना की सूची में छूटे लाभुकों को जोड़ने का पीएम से किया निवेदन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 May 2019 7:29 AM (IST)
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सोनो : प्रखंड के महेश्वरी गांव में मदन साह नात्मक व्यक्ति की मृत्यु समुचित इलाज के अभाव में हो जाने से पंचायत के मुखिया अजय कुमार सिंह काफी आहत हुए. उन्होंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि मदन को आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का लाभ नहीं मिल पाने से उसका निःशुल्क इलाज नहीं हो […]
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सोनो : प्रखंड के महेश्वरी गांव में मदन साह नात्मक व्यक्ति की मृत्यु समुचित इलाज के अभाव में हो जाने से पंचायत के मुखिया अजय कुमार सिंह काफी आहत हुए. उन्होंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि मदन को आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का लाभ नहीं मिल पाने से उसका निःशुल्क इलाज नहीं हो सका और वे असमय काल के गाल में समा गये.
मदन की मृत्यु से आहत मुखिया सिंह ने मंगलवार को पीएमओ के विभागीय पोर्टल पर प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र लिखकर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र के बड़ी संख्या में लाभ से वंचित परिवार को सूची में जुड़वाने का आग्रह किया है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में जो आयुष्मान भारत योजना की सूची आयी है. उसमें क्षेत्र के बहुत सारे ऐसे परिवार छूटे हुए है जिन्हें वास्तव में इस योजना की जरूरत है.
पीएचएच की सूची में दर्ज हर लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए. लेकिन अस्पताल में आये सूची में पीएचएच सूची के लोग भी छूटे हुए है. ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे जरुरतमंद परिवार को इस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिलने से इलाज के अभाव में उनके घर के बीमार लोग स्वस्थ होने के बजाय मौत के करीब पहुंच रहे है.
मुखिया ने पीएम से निवेदन किया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगवाकर इस योजना की सूची में गरीब व सही मायने में पिछड़े जरुरतमंद लोगों को शामिल करने का काम किया जाये.
क्या है आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना
देश के गरीब, लाचार व उपेक्षित परिवार के वैसे बीमार सदस्य जिनके इलाज हेतु परिवार आर्थिक बोझ नहीं सह सकता है उसके निःशुल्क इलाज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना को लागू किया गया.
यह योजना मूलतः स्वास्थ्य बीमा योजना है जिसके तहत सरकारी अस्पताल व पैनल के अस्पतालों में ऐसे चिह्नित परिवार के बीमार लोगों का पांच लाख तक का इलाज निःशुल्क होना है. इस कैशलेश व पेपरलेस इलाज की व्यवस्था से गरीब व पिछड़े वर्ग के एक बड़े तबके के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने की व्यवस्था है.
सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 के हिसाब से इस योजना के तय मानकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के लगभग आठ करोड़ परिवार को इसका लाभ मिलना है जबकि लगभग ढाई करोड़ शहरी क्षेत्र के परिवार भी इस योजना में शामिल है.
कौन से लोग इस योजना में हैं शामिल
आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के संदर्भ में इंटरनेट पर दिये जानकारी के अनुसार वैसे परिवार जिनके पास कच्चा मकान है, जिस परिवार में कोई वयस्क मुखिया नहीं है, जिस गरीब परिवार की मुखिया महिला है, जिस परिवार में दिव्यांग है, भूमिहीन परिवार, दिहाड़ी मजदूरी के कार्य में लगे लोग, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, गृह विहीन व्यक्ति, भिखारी, छोटे छोटे दैनिक कार्य में लगे मजदूर, रिक्शा व ठेला चलाने वाला ऐसे तमाम गरीब, उपेक्षित व लाचार लोग इस योजना का लाभ ले सकेंगे. अपना और अपने परिवार इलाज कराकर लाभ उठा सकते है.
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