सांप के डसने पर तुरंत जायें अस्पताल, न पड़े झाड़ फूंक के चक्कर में

Bihar : अगर आप को सांप ने डस लिया हो तो आप तुरंत अस्पताल जाना चाहिन न कि झाड़ फूंक के चक्कर में पड़ना चाहिए.
अगर आप को सांप ने डस लिया हो तो आप तुरंत अस्पताल जाना चाहिन न कि झाड़ फूंक के चक्कर में पड़ना चाहिए. ये बात वैशाली वन प्रमंडल हाजीपुर द्वारा वन्य प्राणी सप्ताह के तहत जंदाहा में स्कूली बच्चो के बीच सांप के विषय में जारूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बिहारशरीफ से विशेषज्ञ राहुल कुमार ने सांपों से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
सांप काटने पर तुरंत जायें अस्पताल
उन्होंने बताया कि सांप काटने पर सिर्फ कटे स्थान पर हल्के से पट्टी बांध कर निकट के अस्पताल में जायें तथा इलाज करायें. झाड़ फूंक व अंधविश्वास से बचें. रात के अंधेरे में टॉर्च जलाकर चले और मच्छरदानी लगा कर सोये. सांप को पकड़ने में एक्सपर्ट व वनकर्मी श्रवन कुमार ने सांप को कैसे पकड़ा जाता है, को अपने साथ लाये सांप को मैदान में पकड़ कर बच्चों को दिखाया.
सांप डसे तो न करें ये गलती
99 फीसदी लोगों को ये नहीं पता होता है कि अगर सांप काटे तो फौरन सांप के जहर को शरीर के अन्य अंगों में फैलने से रोकने के लिए उस जगह को कसकर बांध दें. ताकि खून का सर्कुलेशन न हो. कई बार लोग एक जगह नहीं, बल्कि दो-तीन जगहों पर भी रस्सी से कसकर बंध लगा देते हैं. यही सबसे बड़ी गलती है. यही सबसे बड़ी गलती है. ऐसा करने से सांप के काटने वाली जगह पर खून की आपूर्ति रुक जाती है. और उस जगह के टिश्यू डैमेज होने लगते हैं. इसके चलते गैंगरीन और पैरालिसिस जैसी बीमारियां होने का खतरा होता है. इतना ही नहीं, मरीज की मौत भी हो सकती है. इसके अलावा लोग उस जगह को धारदार चीज से काट भी देते हैं और सोचते हैं कि जहर निकल रहा है. कई बार लोग मुंह से भी उस जगह के खून को खींचकर थूक देते हैं. लेकिन ये सभी चीजें गलत और जानलेवा हैं.
ये होते हैं सबसे जहरीले सांप
बता दें कि भारत में मिलने वाली सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं. भारत में मौजूद 250 प्रजातियों में से करीब 80 फीसदी सांप विषैले नहीं होते हैं. सिर्फ 20 फीसदी सांप ही जहरीले या बहुत जहरीले होते हैं. इनके काटने पर अगर सही समय पर इलाज नहीं मिला, तो जान चली जाती है. भारत में चार सांप सबसे जहरीले होते हैं. इनमें कॉमन कोबरा यानि काला नाग, सॉ-स्केल्ड वाइपर, कॉमन क्रेट और रसेल वाइपर है.
इसे भी पढ़ें : लालू यादव को लगता था बाबा बन जाएंगे, तेजप्रताप ने इंटरव्यू में किया खुलासा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prashant Tiwari
प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




