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"कहीं ये बाबा ना बन जाए…" तेज प्रताप ने बताया लालू यादव को क्या था डर

Updated at : 05 Oct 2024 6:30 AM (IST)
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"कहीं ये बाबा ना बन जाए…" तेज प्रताप ने बताया लालू यादव को क्या था डर

Tej Pratap Yadav : तेजप्रताप यादव ने बताया कि कॉलेज के समय वह वृंदावन की हर गली घूमते थे, श्रीकृष्ण की लीला स्थली जाते थे.

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक निजी चैनल को इंटरव्यू दिया है. इस इंटरव्यू में उन्होंने कई खुलासे किये हैं. उन्होंने बताया कि कैसे वह अपने पिता लालू यादव की लाल बत्ती लगी एंबेसडर कार उनसे बिना पूछे लेकर अपने दोस्तों के साथ गायब हो जाते थे. और जब लालू यादव उनसे पूछते कि वह कहां हैं इस पर वह उन्हें बताते कि वो अपने दोस्तों के साथ वृंदावन आ गए हैं और तीन चार दिन बाद वापस आएंगे. इसी के साथ उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि एक वक्त ऐसा भी आ गया था कि लालू यादव को लगता था कि उनका बड़ा बेटा साधु बन जाएगा इसलिए वो लोगों को उन पर नजर रखने के लिए कहते थे. 

लालू यादव कहते थे कहीं ये साधु न बन जाये- तेज प्रताप 

तेज प्रताप ने बताया कि वृदांवन के एक हमारे मित्र थे, इस्कॉन से जुड़े हुए थे. वही बोले वृंदावन चलिए हमारे साथ. जब जाना होता था, तो उन्हीं को बुला लेते थे. वो मेट्रो स्टेशन के पास आ जाते थे. वहीं एंबेसडर कार लगी रहती थी. बिना बताए वृंदावन भाग जाते थे. फिर पिता जी का फोन आता था, कहते थे कहां हो तो हम कहते थे, कि हम वृंदावन में है. अब हम 3-4 दिन बाद आएंगे, और फिर फोन बंद कर देते थे. मेरे पिता जी कहते थे कि अब तो ये साधु हो जाएगा, बाबा हो जाएगा इसको पकड़ना पड़ेगा. वरना हाथ से निकल जाएगा. 

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वृंदावन की हर गली घूमता था

तेजप्रताप यादव ने बताया कि कॉलेज के समय वह वृंदावन की हर गली घूमते थे, श्रीकृष्ण की लीला स्थली जाते थे. जहां रास लीला की, बांसुरी बजाई, असुरों का वध किया था. तेज प्रताप ने बताया कि वृंदावन में सबसे अच्छी जगह निधिवन है. जहां साक्षात भगवान आते हैं, यमुना का किनारा है, जहां कृष्ण बांसुरी बजाते थे. बांके बिहारी के भी दर्शन किए हैं. 

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लालू यादव की लाल बत्ती लगी कार लेकर गायब हो जाते थे तेजप्रताप

एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में तेज प्रताप यादव ने बताया कि वह बचपन से पूजा पाठ करते आए हैं और धार्मिक प्रवृत्ति के हैं. उन्होंने बताया कि वह स्कूल टाइम से मंदिर जाते रहे हैं. जब वो कॉलेज गए तो भी उन्होंने मंदिर जाना नहीं छोड़ा. कई बार तो वह अपने पिता की लाल बत्ती लगी एंबेसडर कार लेकर वृंदावन चले जाते थे और खुद लालू यादव को फोन करके पूछना पड़ता था कि तेज प्रताप कहां हैं ? ये तब की बात है जब लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे. 

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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