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भीषण गर्मी में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पीएचइडी अलर्ट मोड में

Updated at : 10 Apr 2024 11:32 PM (IST)
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भीषण गर्मी में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पीएचइडी अलर्ट मोड में

जल संकट. गर्मी बढ़ने के साथ ही निर्बाध जलापूर्ति की तैयारी में जुटा पीएचइडी, जिले में भू-जल स्तर की स्थिति सामान्य, औसत गहराई 15 फुट 11 इंच.

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हाजीपुर. अप्रैल माह में ही गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है. गर्मी के दिनों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा तरह-तरह के उपाय किए जा रहे है. एक तरफ विभाग जहां खराब पड़े चापाकलों को ठीक कराने के लिए विशेष टीम को जिले के विभिन्न प्रखंडों में तैनात कर रखी है. वही खासकर नलजल योजना को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. हालांकि विभागीय अधिकारी के अनुसार वर्तमान समय में जिले के प्रखंडों में भू-जलस्तर लगभग सामान्य है. जिले के मात्र दो प्रखंड वैशाली तथा पटेढ़ी बेलसर में भू-जलस्तर 18 फुट से नीचे है बाकी 14 प्रखंडों में वाटर लेवल 14 से साढ़े 15 फुट नीचे बताया गया है. जो सामान्य निर्धारित लेवल के बराबर है. जिले में वाटर लेवल की औसत गहराई 15 फुट 11 इंच बीते 31 मार्च तक दर्ज किया गया है. जिला लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष सिंह ने बताया कि जिले में गर्मी के बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को पानी के लिए परेशानी नहीं हो इसके लिए विभागीय तौर पर तैयारी की जा रही है. बताया गया कि पीआरडी द्वारा संचालित नलजल योजना को भी सरकार ने अब पीएचईडी विभाग के हवाले कर दिया है. सरकार के निर्देशानुसार विभाग द्वारा नल जल योजना के तमाम फाॅल्ट को ठीक कराया जा रहा है. वहीं लोगों द्वारा नलजल योजना में खराबी की शिकायत मिलने पर तत्काल उसे ठीक कराने के साथ ही जलापूर्ति बहाल कराई जा रही है.

बिजली के कमी के कारण नहीं बंद होगी नलजल योजना

कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि इस बार गर्मी के दिनों में नलजल योजना के संचालन में बिजली की कमी बाधा नहीं बनेगी. इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गयी है. बताया गया कि नल जल योजना के निरंतर संचालन के लिए सबसे बड़ी समस्या बिजली बिल के भुगतान को लेकर उत्पन्न होती थी. समस्या को देखते हुए विभाग ने गर्मी शुरु होने से पहले ही बिजली विभाग को बकाया राशि का भुगतान कर दिया है. इसके लिए पीएचईडी विभाग ने बिजली विभाग को कुल 4.79 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. बताया गया कि पीआरडी योजना में बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण अधिकांश नलजल का लाइन काट दिया जाता था जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था.

चापाकल की मरम्मत के लिए तैनात किये गये है 10 मरम्मत दस्ता

कार्यपालक पदाधिकारी के अनुसार जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडाें में खराब चापाकल के मरम्मत के लिए दस टीम को तैनात किया गया है. प्रत्येक टीम में पांच कर्मियों को लगाया गया है. बताया गया कि नल जल योजना में लोगों द्वारा मोटर खराब हाेने या पाइप लीकेज की शिकायत मिलते ही तत्काल कर्मी को भेज कर उसे ठीक कराया जा रहा है. हालांकि पीआरडी द्वारा कराए गए नल जल योजना में शुरुआती दौर में काफी शिकायत मिली थी. धीरे-धीरे सभी को विभाग द्वारा ठीक कराया जा रहा है. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लगे चापाकल को दुरुस्त कराया जा रहा है. ताकि लोगों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़े.

जिले के विभिन्न प्रखंडों में औसत भू-जलस्तर की स्थिति पर एक नज

प्रखंड वाटर लेवल की गहराई (फुट में)भगवानपुर -16.07

हाजीपुर -16.06वैशाली -18.03

पटेढ़ी बेलसर -18.00बिदुपुर -15.02

महनार -17.00सहदेई बुजुर्ग -16.11

देसरी -16.05महुआ -16.00

जंदाहा -15.06पातेपुर -15.04

राजापाकर -15.08लालगंज -16.04

चेहराकला -16.03गोरौल -16.01

राघोपुर -14.11

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