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पार्ट टाइम जॉब के नाम पर साइबर ठग लोगों को बना रहे अपना शिकार

Updated at : 26 Jun 2024 10:12 PM (IST)
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पार्ट टाइम जॉब के नाम पर साइबर ठग लोगों को बना रहे अपना शिकार

साइबर थाना में आजकल टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगी मामले की शिकायतें काफी आ रही है. टेलीग्राम ग्रूप से जुड़ कर लोग बड़े पैमाने पर अपनी मेहनत की कमाई लूटा रहे है. साइबर फ्रॉड भी टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को बड़े ही आसानी से स्टॉक मार्केट में कमाई तथा पार्ट टाइम जॉब देने का झांसा देकर ठगी का शिकार बना रहे है.

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हाजीपुर. साइबर थाना में आजकल टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगी मामले की शिकायतें काफी आ रही है. टेलीग्राम ग्रूप से जुड़ कर लोग बड़े पैमाने पर अपनी मेहनत की कमाई लूटा रहे है. साइबर फ्रॉड भी टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को बड़े ही आसानी से स्टॉक मार्केट में कमाई तथा पार्ट टाइम जॉब देने का झांसा देकर ठगी का शिकार बना रहे है. बीते मई व जून माह में ऐसे एक दर्जन से अधिक मामले साइबर थाना में दर्ज कराए गए है. सभी मामलों में शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम तकनीकी माध्यमों से साइबर फ्रॉड तक पहुंचने में जुटी है. हालांकि पुलिस के लिए यह राह काफी चुनौती भरा है. सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक प्रचार एवं फेंक बेवसाइट के माध्यम से आजकल साइबर फ्रॉड रोज नए-नए तकनीक से लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना कर उनके खाते से प्रतिदिन लाखों रुपये उड़ा रहे है. लालच में पड़ कर लोग अपनी बैंक खाते के डिटेल भी साझा कर देते है. कई मामले तो ऐसे भी सामने आए है जिनमें साइबर फ्रॉड द्वारा प्रसारित लिंक पर मात्र एक क्लिक से ही लोग ठगी का शिकार हो जा रहे है. जबकि इसके लिए प्रशासन द्वारा लगातार कई माध्यमों से लोगों को जानकारी के साथ ही आगाह किया जा रहा है. जानकारी के अभाव में लोग हो रहे साइबर ठगी के शिकार साइबर डीएसपी चांदनी सुमन ने बताया कि इंटरनेट यूज करने के दौरान जानकारी के अभाव में लोग धड़ल्ले से साइबर ठगी का शिकार हो रहे है. इन दिनों साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए एक अलग तरीके अपना रहे है. इसमें टेलीग्राम के माध्यम से लोगों का पहले ग्रुप बनाते है. बाद में कुछ सवाल का जवाब देने पर पर पैसे देने की बात करते है और थोड़े बहुत पैसे लालच के लिए देते है. पैसा मिलने पर लोग आसानी से उसके चंगुल में फंस जाते है. जिसके बाद शुरु होता है लोगों से पैसा मंगाने का खेल जिसमें लोग लालच के कारण मोटी रकम तक उसके खाते में भेज देते है. पैसा भेजने के बाद साइबर ठग ग्रुप एवं मोबाइल नंबर को ही बंद कर देते है. मई एवं जून माह में दर्ज हुए है आधा दर्जन से अधिक मामले साइबर डीएसपी ने बताया कि मई एवं जून माह में टेलीग्राम से ग्रुप बना कर ठगी के कुल 13 मामले दर्ज कराए गए है. जिसमें कई मामलों में राशि कम होने के कारण आवेदक ही सरेंडर कर चुपचाप बैठ गए. तीन ऐसे मामले सामने आए है जिसमें साइबर अपराधियों ने 60 हजार से लेकर 2.5 लाख रुपये के ठगी कर चुके है. बताया गया कि एक मामले में 85 हजार रुपये होल्ड कराए गए है. वहीं एक मामले में 1.5 लाख रुपये शिकायत मिलने के बाद होल्ड कराए जा चुके है जो मामला न्यायालय में लंबित है. बताया गया कि आवेदन मिलने के बाद अब तक टेलीग्राम से ठगी मामले में कुल 6 लाख रुपये होल्ड कराए जा चुके है. अन्य मामलों में भी पुलिस कार्रवाई कर रही है. केस संख्या-1 साइबर थाना में बीते पांच जून को नगर थाना क्षेत्र के हथसारगंज के एक युवक निखिल कुमार ने टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से दो लाख 27 हजार रुपये की ठगी का शिकार होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई है. उसने सभी राशि चार किस्तों में अलग-अलग यूपीआई से अलग-अलग खातों में भेजा था. साइबर पुलिस को दिए आवेदन में उसने बताया है कि पार्ट टाइम जॉब के नाम पर साइबर ठगों ने उससे ठगी कर ली है. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है. केस संख्या-2 पार्ट टाइम जॉब के नाम पर बिदुपुर के एक युवक गुलशन कुमार से साइबर ठगों ने टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ कर पार्ट टाइम नौकरी देने के नाम पर कई किस्तों में 4 लाख 78 हजार रुपये कर ठगी कर ली है. साइबर ठगी का शिकार युवक ने साइबर थाना में बीते आठ जून को प्राथमिकी दर्ज कराई है. युवक ने बताया है कि उसे एक कंपनी के बेवसाइट पर निकली भर्ती के विज्ञापन द्वारा नौकरी दिलाने के लिए कहा गया था. बाद में पता चला कि टेलीग्राम पर भेजा गया बेवसाइट का लिंक ही फर्जी था तथा बेवसाइट भी फर्जी निकला. हालांकि इस मामले में साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लाख रुपये होल्ड करा दिया है. वहीं पुलिस इस मामले में लगातार अनुसंधान कर रही है. केस संख्या -3 साइबर थाना की पुलिस के अनुसार हरौली गांव के एक युवक पंकज कुमार ने ग्लोरोड पार्सल कंपनी के माध्यम से माेबाईल का हेड-फोन आर्डर किया था. कंपनी ने उसे पर्स भेज दिया. डिलिवरी ब्याय के जाते ही उसे कंपनी के नाम से ही फोन आया कि गलती से आपके सामान की जगह पर्स चला गया है. उसे वापस कर दें. वापस करने के लिए कंपनी का एक ऐप डाउन लोड करने के लिए कहा गया. ऐप डाउन लोड करते ही उसके मोबाइल का फंक्शन अपने आप चलने लगा. इसी दौरान उसके मोबाइल पर खाते से 76 हजार रुपये निकासी का मैसेज आया जिसके बाद फौरन इसकी शिकायत लेकर साइबर थाना पहुंच गया तब तक पैसे की निकासी हो गयी थी. पुलिस इस मामले में भी फर्जी कंपनी संचालक की पहचान करने में जुटी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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