बिहार की ऐतिहासिक विरासत: वैशाली के पातेपुर मठ में मिलीं 52 दुर्लभ पांडुलिपियां, विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी
Published by : Vivek Pandey Updated At : 13 Jun 2026 10:41 AM
महंत विश्व महात्मा के मैथ से मिला 100 वर्ष पुरानी 52 पांडुलिपि सम्मानित करते डीएम
Hajipur News: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत वैशाली के पातेपुर मठ से 100 वर्ष से अधिक पुरानी 52 दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं. जिला प्रशासन ने इनके संरक्षण, सूचीकरण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
Hajipur News: (कैफ अहमद) वैशाली जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है. ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पातेपुर प्रखंड स्थित पातेपुर मठ से 100 वर्ष से अधिक पुरानी 52 दुर्लभ पांडुलिपियां और ग्रंथ प्राप्त हुए हैं. इन पांडुलिपियों में धार्मिक, आध्यात्मिक, दार्शनिक तथा पारंपरिक ज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री संकलित है, जिन्हें भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा माना जा रहा है.
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत चलाया जा रहा विशेष अभियान
भारत सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों, ग्रंथों और ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के दौरान पातेपुर मठ में सुरक्षित रखी गई इन दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध किया गया.
मठ के महंत को किया गया सम्मानित
दुर्लभ ग्रंथों की प्राप्ति के बाद जिला प्रशासन ने पातेपुर मठ के महंत को प्रशस्ति-पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया. साथ ही प्राप्त पांडुलिपियों के सूचीकरण, अभिलेखीकरण, डिजिटलीकरण और सुरक्षित संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस अमूल्य ज्ञान-संपदा का लाभ उठा सकें.
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में मिलेगी नई मजबूती
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि पातेपुर मठ से प्राप्त ये दुर्लभ पांडुलिपियां वैशाली की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इनके संरक्षण और डिजिटलीकरण से भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को सहेजने और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी.
लोगों से भी की गई सहयोग की अपील
जिलाधिकारी ने जिले के लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति, परिवार, मठ, मंदिर या अन्य संस्थान के पास प्राचीन पांडुलिपियां, ग्रंथ, दस्तावेज या ऐतिहासिक अभिलेख सुरक्षित हैं, तो उनकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं. इससे इन अमूल्य धरोहरों के संरक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य और व्यापक रूप से किया जा सकेगा.
इसे भी पढ़ें: गोपालगंज के किसानों के लिए खुशखबरी: 75% अनुदान पर मिलेगा नारियल का पौधा, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










