गोपालगंज: फुलवरिया में टीबी मरीजों की मदद को आगे आए डॉक्टर, दो मरीजों को लिया गोद

फुलवरिया में डॉ. दीपू पांडेय बने निक्षय मित्र, टीबी के दो मरीजों को लेते गोद
फुलवरिया सीएचसी में डॉ. दीपू पांडेय ने निक्षय मित्र योजना के तहत दो टीबी मरीजों को गोद लिया और फूड बास्केट किट वितरित की. टीबी मुक्त पंचायत अभियान में जनभागीदारी की अपील.
Gopalganj News: टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फुलवरिया में पहल की गयी. मिश्र बतरहा बाजार स्थित विद्या परामर्श चिकित्सालय के संचालक डॉ. दीपू पांडेय ने निक्षय मित्र योजना के तहत टीबी से पीड़ित दो मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण और उपचार में सहयोग करने का संकल्प लिया. इस दौरान दोनों मरीजों के बीच फूड बास्केट किट का वितरण किया गया.
टीबी से लड़ने में दवा के साथ पोषण और सहयोग भी जरूरी
चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजीव रंजन की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. दीपू पांडेय ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी से लड़ने के लिए केवल दवा पर्याप्त नहीं है. मरीजों को पौष्टिक आहार, नियमित उपचार और समाज के सहयोग की भी जरूरत होती है. उन्होंने दोनों मरीजों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया.
फूड बास्केट किट मिलने के बाद मरीजों के चेहरे पर राहत और खुशी दिखाई दी. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने डॉ. दीपू पांडेय की पहल को सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का बेहतर उदाहरण बताया.
टीबी उन्मूलन के लिए निक्षय मित्र बनने की अपील
चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि टीबी केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती भी है. इसके उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आने की जरूरत है. उन्होंने लोगों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि नियमित दवा सेवन, पौष्टिक भोजन, समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने से टीबी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं. मरीजों को संतुलित आहार लेने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा लेने की भी सलाह दी गयी.
टीबी मुक्त पंचायत अभियान में बढ़ेगी जनभागीदारी
डॉ. राजीव रंजन ने टीबी मुक्त पंचायत अभियान को सफल बनाने के लिए जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज के लोग यदि टीबी मरीजों के पोषण और उपचार में सहयोग करें तो टीबी उन्मूलन अभियान को और गति मिल सकती है.
पहले भी दो मरीजों को गोद ले चुके हैं राजेश बैठा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इससे पहले एक निजी जांच केंद्र के संचालक राजेश बैठा भी निक्षय मित्र बनकर दो टीबी मरीजों को गोद ले चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूती मिलेगी और टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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