एलपीजी e-KYC में सुस्ती से डिस्ट्रीब्यूटर परेशान, 16 अगस्त के बाद नहीं मिलेगा रियायती दरों पर गैस सिलेंडर!

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एलपीजी सिलेंडर.

एलपीजी सिलेंडर.

LPG Cylinder Biometric Aadhaar e-KYC Deadline 16 August: पश्चिम बंगाल में एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच ई-केवाईसी कराने की गति धीमी है. 16 अगस्त तक बायोमेट्रिक आधार ई-केवाईसी पूरा न करने पर सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर मिलना बंद हो जायेगा. जानिए क्या हैं इसके मायने और कैसे कराएं ई-केवाईसी.

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LPG Cylinder Biometric Aadhaar e-KYC Deadline: पश्चिम बंगाल में रसोई गैस सिलेंडर (LPG) के उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार ई-केवाईसी कराने में काफी सुस्त दख रहे हैं. इसकी वजह से गैस वितरकों और तेल कंपनियों की चिंता बढ़ गयी है. इंडियन ऑयल (IOCL) और अन्य पेट्रोलियम कंपनियों ने साफ कर दिया है कि 16 अगस्त 2026 तक ई-केवाईसी पूरा नहीं किया, तो उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा. अभी कोलकाता में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 968 रुपए है. इस पर उपभोक्ताओं को 19.57 रुपए की सब्सिडी मिलती है. ई-केवाईसी नहीं करवाने पर 19.57 रुपए की सब्सिडी बंद कर दी जायेगी.

वितरकों का क्या कहना है?

इंडेन एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ बंगाल के सचिव रामकृष्ण चक्रवर्ती का कहना है कि उनकी एजेंसी में लगभग 8,500 उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पेंडिंग है. लेकिन रोज केवल 70-80 लोग ही आ रहे हैं. यदि यही रफ्तार रही, तो आधे लोग भी समय पर ई-केवाईसी अपडेट नहीं करवा पायेंगे. एजेंसी के कर्मचारी लगातार ग्राहकों को फोन कर रहे हैं, लेकिन कई लोगों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी.

1.4 करोड़ गैर-उज्जवला उपभोक्ताओं पर असर

पश्चिम बंगाल में लगभग 1.4 करोड़ गैर-उज्ज्वला एलपीजी उपभोक्ता हैं. इनमें से अकेले इंडेन के पास 90 लाख कनेक्शन हैं. इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग 77 फीसदी ग्राहक अपना ई-केवाईसी पूरा करवा चुके हैं. बाकी बचे 23 प्रतिशत ग्राहकों को 16 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

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कनेक्शन सरेंडर कर रहे उपभोक्ता

गैस वितरकों ने बताया है कि ई-केवाईसी अभियान शुरू होने के बाद से कई ऐसे मामले सामने आये हैं, जहां एक ही व्यक्ति के नाम पर कई कनेक्शन थे. ई-केवाईसी का कड़ा नियम आने के बाद कई उपभोक्ता खुद ही अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर कर रहे हैं.

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ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे करें ई-केवाईसी?

  • ऑनलाइन माध्यम : इंडियन ऑयल के ग्राहक IndianOil ONE App के जरिये घर बैठे अपने स्मार्टफोन से आधार बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी कर सकते हैं.
  • ऑफलाइन माध्यम : उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी (वितरक कार्यालय) में जाकर बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) सत्यापन करा सकते हैं.
  • डिलीवरी मैन के जरिये : सिलेंडर डिलीवरी के समय भी कर्मचारी के पास उपलब्ध डिवाइस से ई-केवाईसी कराया जा सकता है.
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा : चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों के लिए एजेंसियां घर पर कर्मचारी भेजने की विशेष व्यवस्था कर रही हैं.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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