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कोर्ट के आदेश के बाद जांच पूरी नहीं करने पर आइओ पर केस दर्ज

Updated at : 31 May 2024 10:12 PM (IST)
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Lawrence Bishnoi

केनरा बैंक से फ्रॉड के केस में आठ वर्ष के बाद भी नगर थाने में तैनात दारोगा ने अनुसंधान को पूरा नहीं किया. हाइकोर्ट के आदेश को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया. इतना ही नहीं, तबादले के बाद भी बगैर केस का चार्ज दिये चले गये. इससे केस की जांच प्रभावित हो गयी.

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गोपालगंज. केनरा बैंक से फ्रॉड के केस में आठ वर्ष के बाद भी नगर थाने में तैनात दारोगा ने अनुसंधान को पूरा नहीं किया. हाइकोर्ट के आदेश को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया. इतना ही नहीं, तबादले के बाद भी बगैर केस का चार्ज दिये चले गये. इससे केस की जांच प्रभावित हो गयी. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र के कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया. कोर्ट में कांड के आरोपित शाखा प्रबंधक की ओर से अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की गयी थी. उसी दौरान कांड के आइओ की मनमर्जी सामने आयी. कोर्ट ने एसपी स्वर्ण प्रभात से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब की. पुलिस कप्तान ने इसे गंभीरता से लिया. एसपी के एक्शन में आते ही आइओ रहे दारोगा चंद्रिका राम के खिलाफ कांड दर्ज करने का आदेश दिया. एसपी के आदेश के बाद नगर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौहान ने अपनी तहरीर पर कांड 382/24 दर्ज किया. आइओ चंद्रिका राम अब रिटायर हो चुके हैं. व पश्चिम चंपारण के क्रिश्चन क्वार्टर थाना बेतिया नगर के रहने वाले हैं. कांड दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. भोरे थाना क्षेत्र के पंडित जिगना के दिलीप पांडेय की पत्नी सविता देवी, जाे कुचायकोट के बरनैया मायके व सुसराल दोनों जगह रहती थी. केनरा बैंक में उनके खाते से 25 फरवरी 2013 से 28025 रुपये एटीएम से फ्रॉड कर निकाल लिये गये. महिला ने जब बैंक जाकर स्टेटमेंट मांगा, तो मैनेजर शैलेश सिंह ने खाते का ब्योरा देने से इंकार कर दिया. बाद में दौड़ा कर थाने में केस कर देने की बात कह कर भगा दिया. महिला नगर थाना गयी. जहां पुलिस ने सुनने तक इंकार कर दिया. बाद में सीजेएम कोर्ट में केस किया. कोर्ट के आदेश पर नगर थाना कांड सं०-51/14 दर्ज किया गया था. शाखा प्रबंधक शैलेश सिंह की जमानत अर्जी जिला जज के कोर्ट से खारिज होने के बाद हाइकोर्ट में सीडब्लूजेसी- 33798/2015 में दाखिल किया. हाइकोर्ट ने बेल देने से इंकार करते हुए 21 अगस्त 2020 को स्पष्ट रूप से आदेश दिया कि जांच समाप्त नहीं होने की स्थिति में तीन महीने की अवधि में पूरा कराया जाये. फ्रॉड कांड में जांच पूरा नहीं होने पर दोबारा शाखा प्रबंधक 15 अप्रैल 2023 को अग्रिम जमानत याचिका- 932/2023 दाखिल हुआ. सुनवाई के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में लंबित है और एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका. लेकिन संबंधित प्राधिकारी द्वारा कोई अनुपालन नहीं किया गया है. मालूम हो कि कोर्ट ने एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया. एबीपी की सुनवाई के लिए केस डायरी भेजने के लिए केस नंबर 51/2014, संबंधित एसएचओ, आइओ ने इस मामले में केस डायरी नहीं भेजी. अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं करने के संबंध में कोई कारण बताओ कारण भी दर्ज नहीं किया गया. जो अदालत के आदेश के प्रति बड़ी लापरवाही मानते हुए वेतन पर भी रोक लगा दी गयी थी. अब एसपी ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू की है.

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