बैंकों में करेंसी खत्म
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Nov 2016 7:33 AM (IST)
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हजार-पांच सौ के नोट बंद होने के बाद शुक्रवार को भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. बैंकों में दोपहर बाद करेंसी खत्म हो गयी. एटीएम भी शहरी और ग्रामीण इलाके में नहीं खुल सकीं. गोपालगंज : बड़े नोट बंद होने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. सुबह होते ही लोग करेंसी बदलने के […]
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हजार-पांच सौ के नोट बंद होने के बाद शुक्रवार को भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. बैंकों में दोपहर बाद करेंसी खत्म हो गयी. एटीएम भी शहरी और ग्रामीण इलाके में नहीं खुल सकीं.
गोपालगंज : बड़े नोट बंद होने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. सुबह होते ही लोग करेंसी बदलने के लिए बैंकों की ओर भाग रहे हैं. शुक्रवार को बैंकों के बाहर सूर्योदय होने से पहले की लोगों की लंबी कतार लग गयी. बैंक खुलने के बाद रुपये बदलवाने की जब बारी आयी, तो करेंसी ही खत्म हो गयी. एटीएम ने भी लोगों का साथ नहीं दिया. बैंकों ने शुक्रवार से ही एटीएम खुल जाने का दावा किया था. लेकिन, एटीएम किसी भी बैंक की नहीं खुलीं. बैंक प्रबंधकों ने एटीएम बंद होने का कारण करेंसी कम होने की बात बतायी. एसबीआइ, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, आइसीआइसीआइ, इलाहाबाद, एचडीएफसी, यूको बैंक समेत अधिकतर बैंकों की एटीएम करेंसी के अभाव में नहीं खुली, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
एसबीआइ की एटीएम में जमा हुए पुराने नोट : शहर के सिनेमा रोड़ स्थित एसबीआइ की एटीएम शुक्रवार को खुली थी. लेकिन, यहां लगी भीड़ पैसा निकालने के लिए नहीं, बल्कि जमा करने के लिए थी. कतार में लगे लोगों ने बताया कि हजार-पांच सौ के पुराने नोट सिर्फ एसबीआइ में एटीएम के जरिये बैंक अकाउंट में जमा किया जा रहा है. पुराने नोट जमा करने के लिए सुबह से देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रही.
डाकघर में मची रही अफरातफरी : प्रधान डाकघर में सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लगी रही.पुराने नोट बदलवाने के लिए पुरुषों के साथ – साथ महिलाओं की संख्या भी अधिक थी. डाकघर में करेंसी बदलने के लिए दो काउंटर बनाये गये थे. भीड़ होने के कारण करेंसी दोपहर बाद ही खत्म हो गयी, जिसके कारण सैकड़ों लोगों को लौटना पड़ा.
टिकट के लिए स्टेशन पर लगी लंबी कतार : थावे. पूर्वोत्तर रेलवे के थावे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए खिड़की पर यात्रियों की भीड़ उमड़ी रही. प्रत्येक यात्री को पता था कि स्टेशन पर 500 और 1000 के नोट मान्य हैं, इसलिए टिकट के लिए लोग 500 और हजार के नोट ही निकालते रहे.
इधर रेलवे विभाग का काउंटर बड़े नेाटों को देख खुदरा देने में बेचैन रहा. कई बार स्थिति ऐसी आयी कि खुदरा देने के लिए टिकट लेने के बाद एक एक घंटा तक लोगों को रुकना पड़ा. हद तो तब हो गयी जब 20 रुपये और प्लेटफाॅर्म टिकट के लिए भी 500 और 1000 के नोट यात्री निकाल रहे थे. स्टेशन पर यह सिलसिला दिन भर चलता रहा. हालांकि कोई भी यात्री बिना टिकट लिए वापस नहीं लौटा.
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