कटाव बेकाबू, निशाने पर राजस्व तटबंध

Published at :25 Sep 2016 12:40 AM (IST)
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कटाव बेकाबू, निशाने पर राजस्व तटबंध

गंडक की त्रासदी . कालामटिहनिया के बाद अब विशंभरपुर का बचना मुश्किल गंडक नदी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. नदी बेकाबू हो चुकी है. पिछले तीन दिनों से बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी कैंप कर बचाव कार्य में जुटे हैं. कालामटिहनिया : गंडक का कटाव इतना भयावह हो गया है कि […]

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गंडक की त्रासदी . कालामटिहनिया के बाद अब विशंभरपुर का बचना मुश्किल

गंडक नदी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. नदी बेकाबू हो चुकी है. पिछले तीन दिनों से बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी कैंप कर बचाव कार्य में जुटे हैं.
कालामटिहनिया : गंडक का कटाव इतना भयावह हो गया है कि कालामटिहनिया के बाद अब विशंभरपुर का बचना मुश्किल हो गया है. +2 स्कूल का भवन व गांव नदी के निशाने पर हैं. नदी तेजी से गांव की ओर बढ़ती जा रही है. नदी खेम मटिहनिया राजस्व तटबंध के करीब पहुंच चुकी है. कटाव इसी तरह जारी रहा, तो इस तटबंध का भी अस्तित्व नदी में समा जाने से इनकार नहीं किया जा सकता. कटाव से इलाके के लोगों की नींद हराम हो गयी है. वार्ड नं 11-13 तथा छह में हो रहे कटाव से लोग अपने घरों को तोड़ कर गांव खाली कर रहे हैं.
उधर, बाढ़ नियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता गूंजा लाल राम, अधीक्षण अभियंता जितेंद्र कुमार सिंह, बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष मो हमीद, राम गोपाल कॉलिसन, बाढ़ एक्सपर्ट मुरलीधर सिंह, श्याम कुमार यादव, ड्रेनेज के कार्यपालक अभियंता नवल कुमार सिंह, शरद कुमार की टीम कटाव को रोकने के लिए जुटी है.
इस बीच पिछले 24 घंटे से हो रही रिमझिम बारिश ने कटाव से बचाव कार्य पर भी गंभीर प्रभाव डाला है. बारिश के कारण मजदूर नदी के भीतर काम नहीं कर पा रहे हैं. उधर, कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. अगले 24 घंटे में इसी तरह कटाव होता रहा तो एक सौ से अधिक घरों के अलावा स्कूल भवन को बचाना भी मुश्किल हो जायेगा, जबकि कालामटिहनिया पंचायत का टाड़ पर खेम मटिहनिया के पास भी कटाव तेज हो गया है. कटाव के कारण शनिवार को लगभग 40 परिवारों ने अपने घरों को तोड़ कर घर को खाली कर दिये तथा खुद बेघर हो गये.
कटाव स्थल का किया निरीक्षण
जिला पर्षद अध्यक्ष मुकेश पांडेय ने खेम मटिहनिया, कालामटिहनिया तथा विशंभरपुर पहुंच कर कटाव की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिजनों का दुख-दर्द को सुना. उन्होंने अभियंताओं से कटाव की जानकारी लेकर वरीय अधिकारियों से बेघर लोगों को बसाने के लिए पूरी इंतजाम कराने का भरोसा दिलाया.
मनियारा में कटावपीड़ितों को बसाने की तैयारी : प्रशासन की तरफ से कटावपीड़ितों को तत्काल बसाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मनियारा फार्म के पास सरकारी जमीन का चयन किया गया है. जहां पहले से रामपुर टेंगराही के मुखिया परिवार भी रहता है, उसी के आसपास जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी की गयी है.
कुचायकोट के सीओ अमित रंजन ने बताया कि कटावपीड़ित अगर कहीं जमीन पहले से खरीद चुके हैं, तो उन्हें इंदिरा आवास की राशि उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि वे घर बना सके. जिनकी जमीन नहीं है उन्हें जमीन देकर घर बनाने की व्यवस्था की जायेगी.
अभियंताओं की टीम कैंप कर बचाव कार्य में जुटी
कटाव के बाद अपना घर तोड़ कर सामान को सुरक्षित स्थान ले जाने की तैयारी में पीड़ित व स्थिति की जानकारी लेने पहुंचे जिला पर्षद अध्यक्ष.
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