परिवाद पत्र के साथ देना होगा साक्ष्य पहल . जनता दरबार नहीं, लोक शिकायत से मिलेगा न्याय

Published at :10 Jun 2016 1:00 AM (IST)
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परिवाद पत्र के साथ देना होगा साक्ष्य  पहल . जनता दरबार नहीं, लोक शिकायत से मिलेगा न्याय

गोपालगंज : अब जनता दरबार नहीं लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से फरियादियों को न्याय मिलेगा. आम लोगों की समस्याओं के निदान को लेकर प्रखंड स्तर से मुख्यमंत्री तक जनता दरबार का आयोजन किया जाता था. पांच जून को लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी होने के साथ ही जनता दरबार के आयोजन पर […]

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गोपालगंज : अब जनता दरबार नहीं लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से फरियादियों को न्याय मिलेगा. आम लोगों की समस्याओं के निदान को लेकर प्रखंड स्तर से मुख्यमंत्री तक जनता दरबार का आयोजन किया जाता था. पांच जून को लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी होने के साथ ही जनता दरबार के आयोजन पर डीएम राहुल कुमार ने रोक लगा दी है. अब फरियादियों की फरियाद सप्ताह के सातों दिन सुने जायेंगे. फरियादियों से आवेदन प्राप्त कर उसका निबंधन किया जायेगा. वहीं फरियादी को प्राप्ती रसीद भी दी जायेगी,
जिस पर सुनवाई की तिथि और समय भी अंकित रहेगी. सुनवाई की तिथि के समय फरियादी और आरोपी कर्मी व पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे. जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के द्वारा फरियादी के आवेदन और साक्ष्य को देखते हुए आरोपित पदाधिकारी या कर्मी से पूछताछ की जायेगी. वहीं साक्ष्य की मांग भी की जायेगी. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अपना आदेश पारित करेंगे. फरियादियों को अब लोक शिकायत निवारण कार्यालय से न्याय मिलेगा.
फर्जी परिवाद पर लगेगी रोक
लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से फर्जी परिवाद पर रोक लगेगी. अब दूसरे व्यक्ति के नाम पर दूसरा कोई फरियादी नहीं बन सकता. और नहीं फर्जी फरियाद लगा सकता. अब तो फरियादी को पहचान पत्र एवं आधार के कार्ड के साथ आवेदन करना होगा. साथ ही साथ सुनवाई में आरोपित अधिकारी एवं कर्मी के साथ लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिये उपस्थित होना होगा. ऐसे में फर्जी फरियाद सुनाने वाले फरियादियों पर रोक लगेगी.
इन विभागों की दर्ज करा सकते हैं शिकायत : लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत कृषि, पशु एवं मत्स्य विभाग , पिछड़ा व अति पिछड़ा कल्याण, भवन निर्माण, मंत्रिमंडल सचिवालय, सहकारिता, जिला प्रबंधन, ऊर्जा, वन एवं पर्यावरण, वित्त, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, गृह, उद्योग, लोक सूचना, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, विधि, लघु सिंचाई, अल्पसंख्यक कल्याण, संसदीय कार्य, पंचायती राज, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, प्लानिंग, निबंधन एवं उत्पाद विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार, सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, सामाजिक कल्याण, परिवहन, पर्यटन, शहरी विकास, निगरानी, जल प्रबंधन, युवा कला एवं संस्कृति, श्रम, चीनी मिल, वाणिज्य कर, शिक्षा, निर्वाचन सहित 44 विभागों की शिकायतें दर्ज करायी जा सकती हैं.
44 विभागों के विरुद्ध दर्ज करा सकेंंगे शिकायत
60 दिनों में होगा निष्पादन
लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत फरियादी को 60 दिनों में न्याय मिलेगा. जिस किसी पदाधिकारी या कर्मी के द्वारा फरियादी को न्याय दिलाने में सहयोग नहीं किया जायेगा, उस पदाधिकारी या कर्मी पर न्यूनतम पांच सौ से अधिकतम पांच हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाये जाने का प्रावधान है.
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