शराब के बंद होते ही सहारा बना कफ सिरप

गोपालगंज : शराबबंदी का असर सूरा प्रेमियों पर पड़ने लगा है. शराब पीनेवाले तरह-तरह के नशे के तरकीब ढूंढ़ रहे हैं. शराबबंदी के तीसरे दिन चौंकानेवाली बातें सामने आयी हैं. दवा दुकानों पर अचानक कप सीरप की डिमांड बढ़ गयी है. कफ सिरप को नशे के लिए खरीदा जा रहा है. कॉरेक्स, काॅस्कोपेन, बेनाड्रिल जैसे […]
गोपालगंज : शराबबंदी का असर सूरा प्रेमियों पर पड़ने लगा है. शराब पीनेवाले तरह-तरह के नशे के तरकीब ढूंढ़ रहे हैं. शराबबंदी के तीसरे दिन चौंकानेवाली बातें सामने आयी हैं. दवा दुकानों पर अचानक कप सीरप की डिमांड बढ़ गयी है. कफ सिरप को नशे के लिए खरीदा जा रहा है. कॉरेक्स, काॅस्कोपेन, बेनाड्रिल जैसे कफ सिरप का उपयोग नशे में किया जा रहा है. नशेड़ियों का मानना है कि एक बोतल कप सिरप से एक बोतल शराब जैसा नशा हो रहा है.
कफ सीरप में नशे की टेबलेट भी मिलायी जा रही है. कफ सिरफ एक बार पीने से कितना क्षति होती है इस संदर्भ में डॉक्टर जेजे शरण की मानें, तो सबसे अधिक अटैक हर्ट पर होता है. शराब से भी अधिक खतरनाक कफ सिरप है. दवा दुकानदार कमाई के लोभ में बिना डॉक्टर के परची के कफ सीरप बेच रहे हैं.
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