तेल की कीमतों में लगी 'आग' ने अरामको की चांदी की, पहली तिमाही में मुनाफा 25% उछला!

तेल कंपनी अरामको का पहली तिमाही में लाभ 25 प्रतिशत बढ़ा (फोटो : सोशल मीडिया )
Aramco Q 1 Profit : दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको ने पहली तिमाही में रिकॉर्ड 25% मुनाफा कमाया है. जानें कैसे ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट के बीच सऊदी अरब ने अपनी पाइपलाइन के जरिए दुनिया को तेल संकट से बचाया.
Aramco Q 1 Profit : दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको के लिए साल 2026 की पहली तिमाही जबरदस्त मुनाफे वाली रही है. एक तरफ जहां दुनिया ईरान युद्ध और तेल की किल्लत से जूझ रही है, वहीं अरामको ने इस दौरान अपने मुनाफे में 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है.
मुनाफे के पीछे का गणित
अरामको ने 31 मार्च को समाप्त हुई तिमाही में 32.5 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध लाभ कमाया है. इस बंपर मुनाफे की दो बड़ी वजहें हैं.
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: फरवरी में युद्ध शुरू होने से पहले तेल $70 प्रति बैरल के आसपास था, जो युद्ध के दौरान $119 तक जा पहुंचा. फिलहाल यह $104 के करीब बना हुआ है.
- सप्लाई में बाधा: युद्ध के कारण सप्लाई कम हुई, जिससे कीमतें बढ़ीं और अरामको जैसी कंपनियों की कमाई बढ़ गई.
होर्मुज का संकट और सऊदी का ‘प्लान-बी’
ईरान के साथ जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल का परिवहन करना खतरनाक हो गया है. आपको बता दें कि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है. ईरान की सैन्य गतिविधियों के कारण इस रास्ते में काफी बाधा आई है. लेकिन अरामको ने इसका तोड़ निकाल लिया है.
- ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन: अरामको ने समुद्र के रास्ते के बजाय अपनी पाइपलाइन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. यह पाइपलाइन सऊदी के पूर्वी इलाकों से सीधे लाल सागर तक तेल पहुंचाती है.
- रिकॉर्ड क्षमता: कंपनी के सीईओ अमीन नासिर के मुताबिक, यह पाइपलाइन अब अपनी पूरी क्षमता यानी 70 लाख बैरल प्रतिदिन पर काम कर रही है, ताकि ग्राहकों तक तेल बिना रुके पहुँच सके.
क्या बोले अरामको के बॉस ?
अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने कहा, “हाल की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि दुनिया की इकोनॉमी के लिए तेल और गैस की सुरक्षा कितनी जरूरी है. तमाम चुनौतियों के बावजूद हम अपने घरेलू नेटवर्क का इस्तेमाल कर दुनिया को एनर्जी संकट से बचाने की कोशिश कर रहे हैं.”
प्रमुख आंकड़े
तिमाही लाभ: $32.5 अरब (25% की बढ़ोत्तरी)
ब्रेंट क्रूड की कीमत: $103.91 प्रति बैरल (रविवार के आंकड़े)
ग्लोबल ऑयल ट्रेड: 20% व्यापार होर्मुज जलडमरूमध्य से होता है.
पाइपलाइन क्षमता: 70 लाख बैरल प्रतिदिन.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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