पांच साल बाद बिहार में होगा स्पेशल टीइटी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Dec 2015 9:49 PM
पांच साल बाद बिहार में होगा स्पेशल टीइटी2011 में एक बार ही हुआ है टीइटी और एसटीइटीसंवाददाता, पटना बिहार में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को ट्रेंड (बीएड-एमएड) के साथ-साथ टीचर इलिजिब्लिटी टेस्ट (टीइटी) में पास करना आवश्यक है. जो अभ्यर्थी टीइटी पास नहीं हैं वे शिक्षक नहीं बन सकते हैं. ऐसे में बिहार सरकार […]
पांच साल बाद बिहार में होगा स्पेशल टीइटी2011 में एक बार ही हुआ है टीइटी और एसटीइटीसंवाददाता, पटना बिहार में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को ट्रेंड (बीएड-एमएड) के साथ-साथ टीचर इलिजिब्लिटी टेस्ट (टीइटी) में पास करना आवश्यक है. जो अभ्यर्थी टीइटी पास नहीं हैं वे शिक्षक नहीं बन सकते हैं. ऐसे में बिहार सरकार ने साल 2011 में पहली बार बिहार में टीइटी परीक्षा का आयोजन किया था. सरकार ने हर साल टीइटी लेने का एलान किया था, लेकिन चार सालों से यह नहीं हो सका है. 2011 में प्रारंभिक (क्लास एक से आठ) स्कूलों के लिए क्लास एक से पांच के लिए और क्लास छह से आठ के लिए अलग-अलग टीइटी का आयोजन किया गया, जबकि हाइ व प्लस टू स्कूल के लिए स्पेशल टीइटी का आयोजन किया गया था. प्रारंभिक स्कूलों के लिए टीइटी में 1.47 लाख अभ्यर्थी पास किये थे, जबकि हाइ स्कूलों में करीब 68 हजार और प्लट टू स्कूलों में 20 हजार अभ्यर्थी क्वालिफाइ किये थे. टीइटी-एसटीइटी पास इन्हीं अभ्यर्थियों की बहाली प्रक्रिया 2012 में प्राथमिक से लेकर प्लस टू स्कूल तक बहाली की प्रक्रिया शुरू की गयी, जो अब तक जारी है. जब टीइटी-एसटीइटी का आयोजन किया गया था तो कहा गया था कि हर साल इसका आयोजन किया जायेगा, लेकिन पिछले चार सालों से यह नहीं हुआ है. इस साल शुरुआत में ही टीइटी-एसटीइटी लेने का शिक्षा विभाग ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को निर्देश भी दिया था, लेकिन बिहार बोर्ड ने मैट्रिक-इंटर की परीक्षा और उसके बाद उसके रिजल्ट का हवाला दिया, जिसकी वजह से यह ठंडे बस्ते पर चल गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग की बैठक में वैसे विषयों जिसमें अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं उसका स्पेशल टीइटी लेने के लिए विभाग को निर्देश दिया है. वर्तमान में गठित, अंगरेजी, विज्ञान, कॉमर्स समेत भाषा के शिक्षक नहीं मिल रहे हैं. इस वजह से अधिकांश पद रिक्त रह जा रहे हैं. 2011 में हुई टीइटी और एसटीइटी में पास अधिकांश अभ्यर्थी सोशल साइंस के थे. इस वजह से सोशल साइंस के पदों से ज्यादा टीइटी व एसटीइटी पास अभ्यर्थी हो गये हैं. 2011 में टीइटी-एसटीइटी में सफल हुए अभ्यर्थियों के पैनल की मान्यता सात सालों तक निर्धारित है. 2011 टीइटी-एसटीइटी में सफल अभ्यर्थी :-प्रारंभिक स्कूल : 1.21 लाखहाइ स्कूल : करीब 69 हजारप्लस टू स्कूल : करीब 20 हजार 2012 से चल रही नियुक्ति प्रक्रिया में पद व बहाली :- स्कूल कुल पद बहाल हुए कुल रिक्ति प्रारंभिक स्कूल 1.53 लाख 83 हजार करीब 70,000हाइ स्कूल 17,500 11 हजार करीब 6,500प्लस टू स्कूल 17,583 5,391 12,192
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