पेजी तीन का बॉटम.....

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पेजी तीन का बॉटम…..हेडिंग : डुमरिया पुल बन सकता है बड़े हादसे का गवाह जर्जर पुल पर रोज लगता है महाजाम टूटी हुई है पुल की रेलिंग, बांस बांध कर पूरा किया जा रहा सुरक्षा का कोरमखत्म हो जायेगी गोपालगंज और चंपारण की नजदीकी जर्जर पुल से चीनी मिलों को आफत फोटो नं-1870 के दशक […]

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पेजी तीन का बॉटम…..हेडिंग : डुमरिया पुल बन सकता है बड़े हादसे का गवाह जर्जर पुल पर रोज लगता है महाजाम टूटी हुई है पुल की रेलिंग, बांस बांध कर पूरा किया जा रहा सुरक्षा का कोरमखत्म हो जायेगी गोपालगंज और चंपारण की नजदीकी जर्जर पुल से चीनी मिलों को आफत फोटो नं-1870 के दशक में जब डुमरिया पुल बना, तो सारण और चंपारण की दूरियां खत्म हो गयीं. उत्तर प्रदेश से गुवाहाटी तक का रास्ता सुलभ हो गया. सुविधाएं बढ़ीं और व्यवसाय भी बढ़ा. विगत डेढ़ वर्षों से गंडक पर स्थित यह पुल अपनी जिंदगी का आखिरी सांस ले रहा है. यदि पुल ध्वस्त हुआ, तो न सिर्फ एक बार फिर दूरिया बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार भी चौपट हो जायेंगे. वर्तमान हालात में यह पुल हादसों को दावत ही नहीं दे रहा, बल्कि जाम के बीच जिले के चीनी मिलों को कुप्रभावित भी कर रहा है.संवाददाता, गोपालगंजसारण और चंपारण की धरती को जोड़नेवाला डुमरिया पुल इन दिनों बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. जर्जर हो चुके पुल पर कब हादसा हो जायेगा, कहना मुश्किल है. पुल की अधिकतर रेलिंग टूट गयी है. बांस बांध कर यहां सुरक्षा का कोरम पूरा किया जा रहा है. पुल का सतह जर्जर और गड्ढानुमा बन जाने के कारण यहां प्रतिदिन जाम लगता है, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. बता दें कि गंडक नदी पर डुमरिया में महासेतु का निर्माण सत्तर के दशक में हुआ, तब सारण और चंपारण के बीच लंबी दूरी थी. पुल बनने के बाद व्यापार तो बढ़ा ही, लोगों के रिश्ते भी मजबूत हुए और आसान परिवहन का बड़ा सूत्रधार हुआ. फिलवक्त जर्जर हो चुके पुल को लेकर एनएचएआइ सुस्त है और भय के बीच आवागमन जारी है. पेराई सत्र में सबसे अधिक नुकसान चीनी मिलों को होता है.चंपारण से आता है 50 लाख क्विंटल गन्नाजिला स्थित तीनों चीनी मिलों को पेराई के लक्ष्य का एक चौथाई गन्ना चंपारण के किसान उपलब्ध कराते हैं. मिल प्रबंधन चंपारण में अपना खरीद केंद्र खोल रखा है. प्रतिवर्ष 50 लाख क्विंटल गन्ना चंपारण से पेराई के लिए आता है. इस बार जर्जर पुल पर जाम लगने से चंपारण के किसान कम संख्या में आ रहे हैं, जिससे मिल प्रबंधन चिंतित है.एक नजर में डुमरिया सेतुनिर्माण – 1978प्रतिदिन गुजरनेवाले बड़े वाहन-7500चारपहिया वाहन -11500दोपहिया एवं अन्य -21000जिले में इकलौता गंडक पर चालू पुल पुल बंद हुआ, तो क्या होगा असर यूपी और असम के बीच बढ़ेगी दूरीनेपाल का मार्ग भी होगा बंद प्रतिमाह 50 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान

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