राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा चुनाव का असर

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राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा चुनाव का असर डीएनए, यदुवंश और अतिपिछड़ा नेतृत्व पर जमकर हुई बहससंवाददाता, पटनाबिहार विधानसभा चुनाव भले ही संपन्न हो गया हो और नयी सरकार काम करना शुरू कर दिया हो, पर विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर इस चुनाव का असर पूरी तरह से हावी है. जहां सत्तापक्ष के […]

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राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा चुनाव का असर डीएनए, यदुवंश और अतिपिछड़ा नेतृत्व पर जमकर हुई बहससंवाददाता, पटनाबिहार विधानसभा चुनाव भले ही संपन्न हो गया हो और नयी सरकार काम करना शुरू कर दिया हो, पर विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर इस चुनाव का असर पूरी तरह से हावी है. जहां सत्तापक्ष के लोगों ने चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी की बातों और रैलियों को संबोधित करने का उल्लेख किया. वहीं विपक्षी भाजपा ने राज्य सरकार और सत्ताधारी दल को कानून व्यवस्था के मुद्दों पर घेरते हुए बहुमत पर नहीं इतराने की सलाह दी. राज्ययपाल के अभिभाषण पर अपनी राय रखते हुए जदयू के नीरज कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने न्याय के साथ विकास की धारा को दिलोजान से स्वीकार किया है. नीति अयाेग के रिपोर्ट में बिहार की प्रशंसा पर भाजपा को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पीएम ने विधानसभा चुनाव में 27 रैलियां की केंद्रीय मंत्रियों ने 145 दौरा किया. इसके बावजूद बिहार की जनता ने भाजपा को नकार दिया. चुनाव में भाजपा बार बार यदुवंश की चिंता करती थी, लेकिन विधानसभा में नंदकिशोर यादव को विपक्ष के नेता की कुरसी छीन ली. उन्होंने कहा कि राज्य की योजना आकार चार हजार करोड़ से 57 हजार करोड़ रुपये का हो गया. बीपीएल की संख्या 54 प्रतिशत से घटकर अब 33 प्रतिशत रह गया. उन्होंने कहा कि जुमलेबाजी से काम नहीं चलेगा. अब तो पीएम के गृह राज्य में भी उनका सुपड़ा साफ हो रहा है. भाजपा के जंगल राज वाली बयान को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के 157 सीटों पर दिये उम्मीदवार में 95 उम्मीदवार अपराधी पृष्ठभूमि के हैं. ये बिहार में कौन राज बनाना चाहते थे. चुनाव के दौरान भाजपा ने दर्जनों अपराध के आरोपित को वाइ श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराया.वहीं भाजपा के प्रदेश मंगल पांडेय ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में राज्य सरकार द्वारा दिये तथ्य स्तुति पत्र है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की राजनीतिक डीएनए में गड़बड़ी पर हम आज भी कायम हैं. उन्होंने 1990 में राजद के साथ थे. भाजपा की मदद से 1990 में सरकार बनी थी. कांग्रेस के खिलाफ बनी उस सरकार को 1994 में नीतीश कुमार ने धोखा दिया. उन्हें अलग पार्टी नहीं बनानी चाहिए थी. 17 साल तक राजद के खिलाफ संघर्ष किया. जार्ज, दिग्विजय और जीतन राम मांझी को धोखा देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महाविलय के नाम पर मुलायम सिंह यादव को धोखा दिया. बहुमत मिलने पर इतरायें नहीं कहते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को एक करोड़ 30 लाख वोट मिला और आपको मात्र तीस लाख अधिक यानी एक करोड़ 60 लाख वोट मिला है. श्री पांडेय ने कहा कि देश की जनता ने लोकसभा चुनाव में जदयू को दो सीट पर समेटकर एक अतिपिछड़ा के बेटा को पीएम बनाया. वहीं विधानसभा में भी एक अतिपिछड़ा को विपक्ष का नेता बनाया. श्री पांडेय ने कहा कि इस सरकार की शपथ के सिर्फ पांच दिन में हत्या, लूट, डकैती आदि का रिकार्ड कायम किया गया है. अतिपिछड़ा वर्ग के छात्रों के स्टाइपैंड में कटौती की गयी है. धान की खरीद नहीं हो रही है. कैसे होगी किसानों के बेटियों के हाथ पीले? उन्होंने कहा कि बिल गेट्स आते हैं, वे स्वास्थ्य पर चर्चा करते हैं. पर साथ में स्वास्थ्य मंत्री नहीं रहते हैं. सत्ता पक्ष की ओर से जदयू के राम चंद्र भारती, कांग्रेस के दिलीप कुमार चौधरी, राजद से राबड़ी देवी, भाकपा के केदार नाथ पांडेय ने बहस में हिस्सा लिया, वहीं भाजपा के रजनीश कुमार, संजय मयूख और किरण घई सिन्हा ने सरकार को विधि व्यवस्था और गिरती शिक्षा के स्तर के लिए सरकार को घेरा.

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