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अंचल कार्यालय में सिस्टम की पोल खोल रहा करप्शन

Updated at : 24 Dec 2019 6:37 AM (IST)
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अंचल कार्यालय में सिस्टम की पोल खोल रहा करप्शन

पंचदेवरी : यदि पंचदेवरी अंचल कार्यालय में आप चले जाएं और आपका काम आसानी से हो जाएं, तो यह हैरत की बात होगी. इस कार्यालय का अपना एक अलग ही सिस्टम है. सरकारी सिस्टम भले ही कुछ और हो, लेकिन यहां वही होता है जो बाबू, नाजिर और अंचल के अन्य कर्मी चाहते हैं. काम […]

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पंचदेवरी : यदि पंचदेवरी अंचल कार्यालय में आप चले जाएं और आपका काम आसानी से हो जाएं, तो यह हैरत की बात होगी. इस कार्यालय का अपना एक अलग ही सिस्टम है. सरकारी सिस्टम भले ही कुछ और हो, लेकिन यहां वही होता है जो बाबू, नाजिर और अंचल के अन्य कर्मी चाहते हैं. काम कराने से पहले अंचलकर्मियों को झेलना आम आदमी के लिए मुश्किल हो जाता है.

यदि आप बड़ा बाबू तथा कर्मियों के सिस्टम के अनुसार सेट कर गये तब तो ठीक है, वरना छोटे से काम के लिए भी महीनों चक्कर लगाना पड़ेगा. स्थिति यह हो चुकी है कि यहां आम लोग पैसा देकर काम करा लेना ही मुनासिब समझते हैं. लोगों के साथ दुर्व्यवहार तथा हर काम में अवैध वसूली इस कार्यालय की पहचान बन चुकी है. करप्शन कार्यालय के सिस्टम में शामिल हो चुका है.
किस काम के लिए कितने पैसे और किसके माध्यम से लिये जाने हैं, इसका भी सिस्टम है. हर काम के लिए दलाल सेट किये गये हैं. किसी भी काम के लिए जाइए,तो ये आपकी मदद के लिए मेहरबान हो जाते हैं. कार्यालय में कर्मियों की कमी दिखा कर विभागीय कार्यों में मदद करने के नाम पर बाबुओं की दलाली करने के लिए इन्हें रखा गया है.
आसानी से व शीघ्र काम करा देने के नाम पर ये आम लोगों का शोषण करते हैं. इतना ही नहीं, इन्हें झेलने के बाद अंचल के बाबू, नाजिर तथा अन्य कर्मियों को भी झेलना पड़ता है. कार्यालय में हर काम के लिए खुलेआम रिश्वत की मांग की जाती है. इन दिनों सोशल मीडिया पर भी लोग अंचल कार्यालय की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक ग्रामीण द्वारा अंचल के नाजिर पर जमीन की रसीद काटने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया जा रहा है. पूर्व में भी ग्रामीणों ने कई बार रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए अंचलकर्मियों की शिकायत वरीय पदाधिकारियों से की है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता है. नतीजा यह है कि इस कार्यालय का सिस्टम दिन प्रतिदिन बिगड़ता जा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जबसे मुझे प्रभार मिला है, इस तरह की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. रिश्वत लेने का मामला सामने आने पर इसमें संलिप्त किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जायेगा.
अफजल हुसैन, सीओ, पंचदेवरी
क्या कहते हैं पीड़ित क्षेत्रवासी
जमीन के नकल के लिए कार्यालय में गया, तो अंचलकर्मियों द्वारा पहले टाल-मटोल किया गया. बाद में 12 सौ रुपये की मांग की गयी. पैसा देने के बाद ही काम हुआ.
व्यास दुबे, गहनी
चकिया में जमीन की मापी के लिए छह माह पहले आवेदन दिया गया. बड़ा बाबू व अमीन द्वारा पैसे की मांग की गयी. नहीं देने के कारण मापी नहीं करायी गयी.
बृज किशोर दुबे,चकिया
एलपीसी के लिए काफी परेशान रहा. काफी दिनों तक अंचल का चक्कर लगाता रहा. जब बड़ा बाबू को दो सौ रुपये दिया, तब मेरा काम हुआ.
रंजय सिंह, अध्यक्ष, जदयू पंचायत, सेमरिया
एलपीसी के लिए अंचलकर्मियों द्वारा पैसे की मांग की गयी. जब तक नहीं दिया तब तक पेंडिंग में रहा. चार सौ देने के बाद एलपीसी मिला.
राम बालक मिश्र, भृंगीचक
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