सीएस बताएं अब तक कितने की हुई मौत
Updated at : 09 Mar 2019 7:10 AM (IST)
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गोपालगंज : जिले में बिजली कंपनी के अस्त-व्यस्त सिस्टम के कारण करेंट से आये दिन हो रही मौत की घटना पर सात मार्च को प्रभात खबर में प्रकाशित ‘बिजली ने 35 दिनों में 12 लोगों की ले ली जान’ समाचार पर जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार ने संज्ञान लिया है. प्राधिकार के सचिव सुभाषचंद्र शर्मा ने […]
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गोपालगंज : जिले में बिजली कंपनी के अस्त-व्यस्त सिस्टम के कारण करेंट से आये दिन हो रही मौत की घटना पर सात मार्च को प्रभात खबर में प्रकाशित ‘बिजली ने 35 दिनों में 12 लोगों की ले ली जान’ समाचार पर जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार ने संज्ञान लिया है.
प्राधिकार के सचिव सुभाषचंद्र शर्मा ने सिविल सर्जन को नोटिस भेज कर पूछा है कि आपके अधीनस्थ सदर अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में जनवरी, 2019 से अब तक बिजली के करेंट से मरनेवालों एवं घायलों का ब्योरा 13 मार्च तक उपलब्ध कराएं.
साथ ही हादसे में मृत व घायल व्यक्तियों के हित में उठाये गये कदम के संबंध में भी जानकारी उपलब्ध कराएं. कोर्ट ने सिविल सर्जन को फॉर्मेट में रिपोर्ट देने को कहा है. कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद बिजली कंपनी के लापरवाह अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
इन बिंदुओं पर देनी होगी रिपोर्ट : बिजली के करेंट से हुई मौत के मामले में मृतकों का नाम, घायल व्यक्तियों का नाम, पूरा पता, घटनास्थल का विवरण, इलाज से संबंधित उठाये गये कदम का विवरण एवं क्षति का विवरण देना होगा.
अब तक इनकी हो चुकी है मौत : 26 जनवरी को ध्वजारोहण करते वक्त पीएचइडी बैकुंठपुर के कर्मी तथा महम्मदपुर थाने के बहदुरा गांव के रहनेवाले शिवकुमार सिंह के पुत्र मदन सिंह की मौत हो गयी.
26 जनवरी को ही बरौली थाने के बढ़ेया मोड़ में ध्वजारोहण के दौरान बनकट के मुन्ना कुमार की मौत हो गयी. 21 फरवरी की रात कुचायकोट थाने के बखरी गांव में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हुई.
मृतकों में बकरीद्दीन शाह (36), हुस्नतारा खातून (35), हसमुद्दीन शाह (24), सलाउद्दीन (7) गुड़िया खातून (5), नवजात (पांच माह), शमीमा खातून (10), सफरीना खातून (8) शामिल हैं. वहीं दो मार्च को बैकुंठपुर थाने के उत्तर बनकटी गांव में चापाकल का पाइप गाड़ने के दौरान करेंट से इसी गांव के देवेंद्र मांझी तथा चिउटहा गांव के जीता प्रसाद के पुत्र मनोहर की मौत हो गयी थी.
घायलों को नहीं मिला सहयोग
26 जनवरी को करेंट से बरौली थाने के बढ़ेया गांव के प्रशांत तिवारी और हिरा शर्मा बुरी तरह से झुलस गये. प्रशांत को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे आज भी मौत से जूझ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ दो मार्च को बैकुंठपुर में चापाकल के पाइप में करेंट दौड़ने से मिस्त्री मनोहर प्रसाद, देवेंद्र मांझी व चंदन मांझी झुलस गये.
इनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है. माली हालत बेहतर नहीं होने के कारण इन्हें बेहतर अस्पताल में इलाज नहीं कराया जा सका. इन्हें किसी तरह का सहयोग भी प्राप्त नहीं हुआ.
मौत के पीछे कंपनी जिम्मेदार नहीं
बिजली के करेंट से हुई मौत के पीछे कंपनी जिम्मेदार नहीं है. लोगों की लापरवाही के कारण उनकी जान गयी है. बिजली से हमेशा सतर्क रहना चाहिए. कहीं भी तार में टोका नहीं फंसाना चाहिए. घर की वायरिंग पर भी नजर रखनी चाहिए.
सौरभ कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता
आपकी थोड़ी-सी चुक से जा सकती है जान
घर में बिजली की वायरिंग हर हाल में कराएं
मल्टी पिन प्लग का इस्तेमाल कर सिंगल प्वाइंट को ओवर प्लग न करें
प्लग अच्छी तरह से कस कर लगाएं, ढीले रहने पर उसमें स्पार्किंग होने की आशंका रहती है
आग बुझाने का यंत्र काम करने की स्थिति में होना चाहिए
हमेशा प्रशिक्षित एवं प्रमाणित इलेक्ट्रिशियन की मदद लें
इमरजेंसी के दौरान भागने के लिए सीढ़ियों एवं रिफ्यूज एरिया को खाली रखना चाहिए
अपने विद्युत उपकरणों एवं उनके तारों की नियमित जांच करें
कटे-फटे अथवा क्षतिग्रस्त विद्युत तार को फौरन बदल दें
विद्युत उपकरणों के पास कोई ज्वलनशील पदार्थ न रखें
एडॉप्टर्स का उपयोग कर पावर प्वाइंट को ओवरलोड न करें
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