राहत: किडनी खराब होने पर मरीज को कम खर्च में डायलिसिस का मिल रहा सहारा

Updated at : 29 Jul 2018 10:33 PM (IST)
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राहत: किडनी खराब होने पर मरीज को कम खर्च में डायलिसिस का मिल रहा सहारा

गोविंद कुमार किडनी के मरीजों को मिल रही ‘संजीवनी’ गोपालगंज : किडनी खराब होने पर मरीज को डायलिसिस का सहारा मिलता है, लेकिन इसका खर्च कई लोगों की जेब पर बहुत भारी पड़ता है. अब मरीजों की इस परेशानी को कम करने की दिशा में सदर अस्पताल में बी-ब्राउन की पहल ने बड़ी राहत दी […]

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गोविंद कुमार

किडनी के मरीजों को मिल रही ‘संजीवनी’
गोपालगंज : किडनी खराब होने पर मरीज को डायलिसिस का सहारा मिलता है, लेकिन इसका खर्च कई लोगों की जेब पर बहुत भारी पड़ता है. अब मरीजों की इस परेशानी को कम करने की दिशा में सदर अस्पताल में बी-ब्राउन की पहल ने बड़ी राहत दी है. अप्रैल 2015 से सदर अस्पताल के आईसीयू भवन में विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहयोग से शुरू हुए डायलिसिस सेंटर में हर महीने करीब 250 से 300 मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है. बिहार सरकार की ओर से शुरू की गयी लोक निजी साझेदारी पहल (पीपीपी) के तहत विश्वस्तरीय डायलिलिस की सुविधा सदर अस्पताल में शुरू की गयी है. सरकार की पहल पर बी-ब्राउन कंपनी ने डायलिसिस में लगने वाले खर्च आधे से भी कम रखा है. डॉक्टरों के मुताबिक प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस के लिए शुल्क 2500 से 4000 तक ली जाती है. लेकिन, सदर अस्पताल में महज 1580 की शुल्क लेकर डायलिसिस की जा रही है.
दो विकल्प : डायलिसिस या ट्रांसप्लांट
किडनी मरीजों को बचाने के लिए नियमित रूप से डायलिसिस पर रखना पड़ता है या फिर किडनी ट्रांसप्लांट एक उपाय है. गंभीर रूप से किडनी फेल होने की समस्या से जूझ रहे मरीजों के खून से बेकार और अधिक मात्रा में जाम हुए पानी को कृत्रिम तरीके से बाहर निकालने को डायलिसिस कहा जाता है. विशेषज्ञों की मानें तो उम्र भर डायलिसिस पर रखने की जगह किडनी ट्रांसप्लांट करवाना ज्यादा लाभदायक होता है.
क्या है डायलिसिस
डायलिसिस मशीन का मुख्य उपयोग किडनी खराब होने पर रक्त को शुद्ध करने के लिए किया जाता है. इसमें ट्यूब के माध्यम से शरीर के रक्त को साफ कर विभिन्न भागों तक पहुंचाया जाता है. वहीं, रक्त की अशुद्धियां बाहर निकाल दी जाती हैं.
क्या कहते हैं इंचार्ज
किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस सेंटर है. बी-ब्राउन कंपनी के इस डायलिसिस सेंटर पर बड़े अस्पतालों की तर्ज पर मरीजों को सुविधाएं दी जाती है. बेतिया, सीवान, छपरा व यूपी के कुशीनगर, गोरखपुर से भी मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं.
डॉ राजीव रंजन, इंचार्ज, डायलिसिस सेंटर, गोपालगंज
क्या-क्या हैं सुविधाएं
तकनीकी रूप से उन्नत डायलिसिस उपकरण
विशेषज्ञ चिकित्सकों से मरीज का इलाज
अनुभवी टीम, पूर्णत: वातानुकूलित परिसर
हर एक मरीज पर ध्यान व निगरानी से इलाज
ड्यूटी डॉक्टर के द्वारा नि:शुल्क जांच की सुविधा
विकसित देशों के समान पानी की गुणवत्ता की निगरानी
ट्यूबिंग इस्तेमाल केवल एक समय प्रति डायलिसिस
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