Gopalganj News: पंचायत सरकार भवन बने, लेकिन सुविधाएं अब भी अधूरी
Published by : Vivek Pandey Updated At : 25 May 2026 7:48 AM
Gopalganj News: मांझा की आठ पंचायतों में भवन तैयार, फिर भी ग्रामीणों को छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का लगाना पड़ रहा चक्कर
Gopalganj News: (अखिल कुमार) गोपालगंज जिले के मांझा गांवों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने और लोगों को प्रखंड कार्यालय के चक्कर से राहत दिलाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इन भवनों के माध्यम से पंचायत स्तर पर ही विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं को उपलब्ध कराने की योजना है, लेकिन गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड में यह महत्वाकांक्षी योजना अब भी अधूरी नजर आ रही है. भवन बनने के बावजूद कई जरूरी सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी हैं, जिससे ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है.
अधिकांश भवनों में अब भी कई आवश्यक सेवाएं पूरी तरह शुरू नहीं
मांझा प्रखंड में कुल 20 पंचायतें हैं. इनमें अब तक केवल आठ पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार हो सके हैं. हालांकि भवन निर्माण के बाद कुछ प्रशासनिक कार्य पंचायत स्तर पर होने लगे हैं, लेकिन अधिकांश भवनों में अब भी कई आवश्यक सेवाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई हैं. कई पंचायत सरकार भवनों में आरटीपीएस काउंटर सक्रिय नहीं हैं, जबकि पुस्तकालय, पोस्ट ऑफिस, बैंकिंग सुविधा और सुधा पार्लर जैसी योजनाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं.
सरकार की योजना के अनुसार पंचायत सरकार भवन को ग्रामीण प्रशासन का केंद्र बनाया जाना था. यहां पंचायत सचिव, मुखिया, सरपंच, रोजगार सेवक, आवास सहायक, कृषि सलाहकार और विकास मित्र समेत अन्य कर्मियों के बैठने और काम करने की व्यवस्था की जानी थी. साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, दाखिल-खारिज, लगान रसीद, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, आवासीय और जाति प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जानी थीं, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय नहीं जाना पड़े.
प्रखंड कार्यालय का सहारा लेना पड़ रहा
लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है. कई पंचायत सरकार भवनों में संसाधनों और तकनीकी कर्मियों की कमी के कारण सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं. कहीं इंटरनेट और कंप्यूटर की समस्या है तो कहीं कर्मियों की कमी के कारण लोगों को अब भी प्रखंड कार्यालय का सहारा लेना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि भवन बन जाने से केवल ढांचा तैयार हुआ है, लेकिन सेवाओं का संचालन पूरी तरह शुरू नहीं होने से योजना का लाभ अधूरा रह गया है.
पंचायत सरकार भवनों में पुस्तकालय, आरटीपीएस काउंटर, पोस्ट ऑफिस और सुधा पार्लर शुरू करने की भी योजना थी, लेकिन अब तक किसी भी भवन में पुस्तकालय शुरू नहीं हो पाया है. वहीं बैंकिंग सुविधा और सुधा पार्लर की व्यवस्था भी नहीं हो सकी है. इससे सरकार की यह योजना ग्रामीणों के लिए पूरी तरह उपयोगी साबित नहीं हो पा रही है.
पंचायत स्तर पर सुविधाएं मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर सभी सेवाएं उपलब्ध हो जाएं तो उन्हें काफी राहत मिलेगी. अभी भी प्रमाण पत्र बनवाने, बैंकिंग कार्य और अन्य प्रशासनिक कामों के लिए लोगों को प्रखंड कार्यालय जाना पड़ता है. खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और गरीब तबके के लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है. पंचायत स्तर पर सुविधाएं मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी.
कई पंचायत सरकार भवनों में बिजली और सोलर प्लांट की समस्या भी बनी हुई है. कुछ भवनों पर अब तक सोलर प्लांट नहीं लगाया जा सका है, जिसके कारण बिजली कटने पर काम पूरी तरह प्रभावित हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि सोलर व्यवस्था होने से बिजली संकट के बावजूद सेवाएं सुचारु रूप से चल सकेंगी.
आठ पंचायत सरकार भवनों को फिलहाल कार्यरत
जानकारी के अनुसार पंचायती राज विभाग ने आठ पंचायत सरकार भवनों को फिलहाल कार्यरत बताया है, जबकि तीन भवन अभी हैंडओवर की प्रक्रिया में हैं. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ पंचायतों में भूमि उपलब्ध नहीं होने और जमीन विवाद के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. कई स्थानों पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण भी निर्माण में देरी हुई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसकी सफलता तभी संभव है जब यहां सभी जरूरी सुविधाएं पूरी तरह शुरू हों। केवल भवन निर्माण से उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि पर्याप्त कर्मचारी, तकनीकी संसाधन और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी.
पंचायत प्रतिनिधियों का भी मानना है कि पंचायत सरकार भवन बनने से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ी हैं और कई कार्य गांव में ही होने लगे हैं। हालांकि अभी भी कई योजनाएं अधूरी हैं। यदि बैंकिंग सुविधा, इंटरनेट सेवा, पुस्तकालय और अन्य योजनाएं शुरू हो जाएं तो पंचायत सरकार भवन ग्रामीणों के लिए संपूर्ण सेवा केंद्र बन सकता है.
पंचायती राज पदाधिकारी ने बताया कि
इस संबंध में पंचायती राज पदाधिकारी प्रदीप प्रसाद ने बताया कि मांझा प्रखंड की 20 पंचायतों में से आठ पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष पंचायतों में निर्माण कार्य प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि जहां भवन बन चुके हैं वहां सरकार स्तर से मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है और धीरे-धीरे अन्य सेवाओं को भी शुरू किया जाएगा.
ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि सरकार जल्द ही अधूरी सुविधाओं को पूरा कर पंचायत सरकार भवनों को पूरी तरह सक्रिय बनाएगी। यदि ऐसा होता है तो गांवों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को अपने कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.
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लेखक के बारे में
By Vivek Pandey
विवेक पाण्डेय टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 7 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 National News Channel से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखता हूं.
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