महिलाओं के लिए तरावीह की नमाज का इंतजाम

Published at :16 May 2018 4:18 AM (IST)
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महिलाओं के लिए तरावीह की नमाज का इंतजाम

गोपालगंज : आमतौर पर रमजान के महीने में मर्दों के तरावीह की नमाज के तरह शहर कि विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं की भी तरावीह का एहतमाम किया गया है. महिलाओं की तरावीह मर्दों की तरह की होती है. पर्दे का ख्याल रखते हुए कम उम्र के हाफिज-ए-कुरान इमामत (इमाम जिसके पीछे लोग नमाज पढ़ते हैं) […]

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गोपालगंज : आमतौर पर रमजान के महीने में मर्दों के तरावीह की नमाज के तरह शहर कि विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं की भी तरावीह का एहतमाम किया गया है. महिलाओं की तरावीह मर्दों की तरह की होती है. पर्दे का ख्याल रखते हुए कम उम्र के हाफिज-ए-कुरान इमामत (इमाम जिसके पीछे लोग नमाज पढ़ते हैं) करते हैं. यह तरावीह रमजान के चांद से लेकर ईद के चांद निकलने तक चलेगी. शुरू में हाफिज-ए-कुरान दो पारा (अध्याय) पढ़ायेंगे और फिर धीरे-धीरे उसमें कमी लायी जायेगी.

इतने दिनों में 30 पारा कुरान पढ़ाया जायेगा, ताकि गर्मी में महिलाओं को जिस्मानी थकान महसूस न हो. महिलाओं के लिए तरावीह की नमाज का इंतजाम किया जा रहा है. रमजान के चांद के साथ ही तरावीह की नमाज शुरू हो जायेगी. मर्द जहां मस्जिदों एवं मदरसों में तरावीह की नमाज अदा करेंगे, वहीं महिलाओं के लिए घरों में तरावीह का इंतजाम किया जायेगा. शहर के जंगलिया, दरगाह मोहल्ला तथा भितभेरवां इलाके में तरवीह होगी. इस्लामी शरीयत के मुताबिक कम उम्र के हाफिज-ए-कुरान तरावीह की नमाज पढ़ायेंगे. दरगाह की खुर्शीद फातिमा के मुताबिक शब-ए-बरात के बाद से ही रमजान की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. इस माह में रोजे के साथ महिलाओं के लिए तरावीह का एहतमाम किया जायेगा.

रमजान में महिलाओं को सबसे ज्यादा मेहनत : तरावीह को लेकर महिलाओं में उत्साह है. रमजान में अमूमन महिलाओं को सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. सहरी, इफ्तार, रात का खाना बनाने के साथ बच्चों को भी तैयार कर स्कूल भेजना होता है. जंगलिया की यासमीन परवीन ने बताया कि रमजान में हम लोगों को दोहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है.
फिर भी इसके लिए इबादत करने के मामले में हमलोग मर्दों से पीछे नहीं हैं. इस बार पांचों वक्त की नमाज के साथ तरावीह की नमाज भी अदा की जायेगी. रहमत व बरकत वाले महीने का एक पल भी बेकार नहीं जाने देंगे.
आज दिख सकता है माह ए रमजान का चांद
बुधवार को रमजान का चांद दिखा तो गुरुवार से माह-ए-रमजान की शुरुआत हो जायेगी. अगर चांद नहीं दिखा तो शुक्रवार को पहला रोजा होगा. बुधवार की शाम बड़ी बाजार के जामा मस्जिद के मौलाना शौकत फातमी की सदारत में हिलाल (चांद) कमेटी की बैठक होगी. देश में कहीं भी चांद की तस्दीक होने पर मौलाना माहे रमजान शुरू होने का एलान करेंगे. इसके बाद मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जायेगी.
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