गुमला में कानून का चला डंडा: मासूम से दरिंदगी के दोषी गोपी लोहरा को 20 साल की जेल, कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला
Published by : Sameer Oraon Updated At : 13 Apr 2026 9:04 PM
गुमला सिविल कोर्ट की तस्वीर
Gumla Crime News: गुमला में मासूम बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले गोपी लोहरा को अदालत ने उसके पापों की सजा दे दी है. विशेष न्यायाधीश संजीव भाटिया की अदालत ने दोषी को पोक्सो एक्ट के तहत 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है.
Gumla Crime News, गुमला (दुर्जय पासवान की रिपोर्ट): गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत एक आठ वर्षीय बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सोमवार को अदालत ने निर्णायक फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-4 सह विशेष न्यायाधीश (पोक्सो), संजीव भाटिया की बेंच ने आरोपी 35 वर्षीय गोपी लोहरा को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे समाज के लिए एक कलंक माना और कानून की अधिकतम धाराओं के तहत दोषी को दंडित किया.
खेल रही बच्ची का जंगल से अपहरण
ये घटना 5 फरवरी 2024 की शाम करीब 6:15 बजे की है, जब सदान बुकमा निवासी गोपी लोहरा ने उस समय मासूम का अपहरण कर लिया था, जब वह अपने दोस्तों के साथ गांव में ही खेल रही थी. बच्ची के साथ खेल रहे उसके तीन-चार दोस्तों ने तुरंत घर जाकर इसकी जानकारी उसकी मां को दी. डरी हुई उसकी मां करीब एक घंटे तक अपनी बच्ची को इधर-उधर ढूंढती रही. इस दौरान उनका सामना जंगल की ओर से लौट रहे गोपी लोहरा से हो गयी.
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जुर्म कबूल कर दी जान से मारने की धमकी
गोपी लोहरा ने अपनी हैवानियत की बात पीड़ित की मां के सामने ही कबूल कर ली. उसने धमकी देते हुए उससे कहा कि उसने ही बच्ची के साथ गलत किया है और यदि पुलिस को इसकी जानकारी दी गई, तो वह पूरे परिवार को जान से मार देगा. इस धमकी के बाद वह जंगल की ओर भाग निकला. हालांकि, पीड़िता की मां ने हिम्मत दिखाते हुए गांव के एक व्यक्ति को पूरी बात बताई और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद 6 फरवरी 2024 की रात चैनपुर थाना में कांड संख्या 07/2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.
दोषी को जेल की सजा
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर गोपी लोहरा को कड़ी सजा सुनाई. आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) के तहत उसे सात वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. वहीं, पोक्सो एक्ट की धारा छह के तहत उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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