सदर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, हंगामा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Apr 2018 5:14 AM (IST)
विज्ञापन

कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन, अस्पताल प्रशासन पर लगाया आरोप छह घंटे तक किया डॉक्टर का इंतजार, मौत होने पर इमरजेंसी वार्ड भेजा गोपालगंज : सदर अस्पताल में रविवार की देर रात प्रसव के लिए आयी एक महिला सहित कोख में ही उनके बच्चे की मौत हो गयी. मौत से आक्रोशित परिजनों ने सोमवार […]
विज्ञापन
कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन, अस्पताल प्रशासन पर लगाया आरोप
छह घंटे तक किया डॉक्टर का इंतजार, मौत होने पर इमरजेंसी वार्ड भेजा
गोपालगंज : सदर अस्पताल में रविवार की देर रात प्रसव के लिए आयी एक महिला सहित कोख में ही उनके बच्चे की मौत हो गयी. मौत से आक्रोशित परिजनों ने सोमवार की सुबह अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. परिजन डॉक्टर के नहीं होने तथा इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे. मृत महिला मांझा थाना क्षेत्र के कुर्मी टोला निवासी असलम अंसारी की पत्नी खुदैजा खातून बतायी गयी. परिजनों ने बताया कि प्रसव पीड़ा तेज होने पर सदर अस्पताल में खुदैजा खातून को भर्ती कराया गया.
प्रसव वार्ड में भर्ती होने के बाद करीब छह घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा, लेकिन डॉक्टर नहीं पहुंचे. डॉक्टर के इंतजार में ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गयी. मौत होने के बाद प्रसव वार्ड से शव को स्वास्थ्यकर्मियों ने बाहर निकालकर इमरजेंसी कक्ष में भेज दिया. इमरजेंसी कक्ष के डॉक्टर राकेश कुमार ने मौत होने की पुष्टि कर दी. हंगामा करने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने महिला को अस्पताल में भर्ती होने से ही इन्कार कर दिया.
मृत मरीज की जांच और इलाज से संबंधित कागजात को भी वापस नहीं किया गया. उधर, हंगामे की सूचना पाकर पहुंचे सिविल सर्जन डॉ एके चौधरी, डीएस डॉ पीसी प्रभात ने पूरे मामले की जांच की. सीएस की जांच में भी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर गायब मिलीं. सिविल सर्जन से परिजनों ने कहा कि नर्स व ममता ने मिलकर मरीज का इलाज किया. इस कारण जच्चा-बच्चा की जान चली गयी. परिजनों ने कहा कि अगर डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद रहते, तो दोनों की जान बच जाती. वहीं सीएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया. समाचार लिखे जाने तक ड्यूटी से गायब डॉक्टर व इलाज में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी थी.
इंजेक्शन देते ही चली गयी सुदैजा की जान
खुदैजा खातून की मौत होने के बाद परिजनों ने कहा कि प्रसव वार्ड में उसे लाया गया तो बिल्कुल ठीक थी. स्वास्थ्यकर्मियों ने टहलने के लिए कहा. बाद में दर्द तेज होने पर बाहर से इंजेक्शन मंगाया गया. इंजेक्शन देने के कुछ ही देर बाद घबराहट हुई और प्रसव होने से पहले ही जान चली गयी.
जा चुकी है कई मरीजों की जान
सदर अस्पताल में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत होने का यह कोई नया मामला नहीं है. पिछले वर्ष गत 11 अक्तूबर को सिधवलिया के हसनपुर निवासी गौरीशंकर साह की पत्नी शोभा देवी को सदर अस्पताल के लेबर वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज में लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गयी थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




