गया जंक्शन पर लगेगा क्विक वाटरिंग सिस्टम
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 May 2024 11:18 PM
अब आठ मिनट में ही ट्रेन के 24 कोचों में भरा जायेगा पानी
अब आठ मिनट में ही ट्रेन के 24 कोचों में भरा जायेगा पानी रोहित कुमार सिंह, गया. अब गया रेलवे स्टेशन से खुलने व गुजरने वाली ट्रेनों की बोगियों में पानी की समस्या खत्म हो जायेगी. इसके लिए गया रेलवे स्टेशन पर जल्द ही क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाने की पहल की जायेगी. रेलवे अधिकारियों ने इस सिस्टम को लगाने के लिए गया रेलवे स्टेशन समेत अन्य कई रेलवे स्टेशनों को चुना है. इस सिस्टम को लगाने का काम जल्द से जल्द शुरू होगा. गया स्टेशन पर क्विक वाटरिंग सिस्टम लग जाने के बाद गया से खुलने और गुजरने वाली ट्रेनों में कभी भी पानी की समस्या उत्पन्न नहीं होगी. कई बार ट्रेनों की बोगियों के शौचालयों में पानी नहीं रहने के कारण रेलयात्री हंगामा करते हैं. लेकिन, इस सिस्टम के लग जाने से न ट्रेनों की बोगियों में पानी खत्म होगा और ना ही रेलयात्रियों को हंगामा करना पड़ेगा. रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों रुकते ही सिर्फ आठ मिनट में सभी 24 कोचों में क्विक वाटरिंग सिस्टम के माध्यम से पानी भर दिया जायेगा. पानी की बर्बादी पर नियंत्रण के लिए अच्छी पहल ट्रेनों के कोचों में त्वरित रूप से पानी भरने के लिए त्वरित जलप्रणाली का प्रयोग किया जायेगा. स्टेशन पर ट्रेनों के न्यूनतम 10 मिनट तक ठहराव होने पर बोगियों में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए त्वरित जलप्रणाली बहुत ही उपयोगी संयंत्र है. यह पानी की बर्बादी पर नियंत्रण के लिए रेलवे की अच्छी पहल है. सीपीआरओ ने बताया कि कई स्टेशनों पर क्विक वाटरिंग सिस्टम के उपयोग से न केवल पानी की बर्बादी पर नियंत्रण हो पाया है, बल्कि काफी कम समय में ट्रेन के कोचों में पानी भरा जा रहा है. पानी की बर्बादी पर रोक लगने से जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में यह प्रणाली काफी उपयोगी साबित हो रही है. क्विक वाटरिंग सिस्टम कैसे करेगा काम क्विक वाटरिंग सिस्टम में तीन उच्च दबाव वाले पंप शामिल हैं, जो प्लेटफॉर्म पर हाइड्रेंट को पानी की आपूर्ति करते हैं. इस संयंत्र के संचालन के लिए इसमें अग्रिम स्वचालन और नियंत्रण प्रणाली भी है. इसमें पंपों की क्रमिक शुरुआत के साथ-साथ प्रत्येक पंप के लिए परिवर्तनशील गति नियंत्रण शामिल है. इस सिस्टम का कंट्रोल रिमोट ऑपरेशन के लिए मोबाइल एप पर भी उपलब्ध है. इससे ट्रेनों में पानी भरने में लगने वाला समय पहले की अपेक्षा कम जायेगा. यह मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के समय पालन में सहायक साबित होगा. क्या कहते हैं अफसर इस संबंध में हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र ने बताया कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आते ही क्विक वाटरिंग सिस्टम का मोबाइल से स्विच ऑन कर सिर्फ आठ मिनट में 24 कोचों में जलापूर्ति का काम पूरा होगा. एक बूंद पानी नष्ट नहीं होगा. समय का बचत होगा. उन्होंने बताया कि गया रेलवे स्टेशन, डीडीयू व अन्य रेलवे स्टेशनों पर यह सुविधा दी जायेगी. हालांकि, पहले से भी कई रेलवे स्टेशनों यह सुविधा बहाल है. उन्होंने बताया कि जलप्रणाली की डिस्चार्ज दर अधिकतम 200 लीटर प्रति मिनट है. इसे आवश्यकतानुसार समायोजित किया जा सकता है. इस सिस्टम को स्मार्ट फोन से कनेक्ट किया गया है. इससे पर्यवेक्षकों के साथ-साथ कर्मचारियों की भी भाग-दौड़ कम होगी.
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