NEET Re-Exam में फर्जीवाड़ा: मगध मेडिकल कॉलेज के छात्र से 15 दिन पहले ही CBI ने की थी पूछताछ, जानिए चौंकाने वाला खुलासा

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मगध मेडिकल कॉलेज की तस्वीर

NEET 2026 Re-Exam: फर्जीवाड़े में गया जी के मगध मेडिकल कॉलेज के छात्र का भी नाम सामने आया है. गिरफ्तार छात्र को अब कॉलेज प्रशासन निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है.

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गया जी से जितेंद्र मिश्र की रिपोर्ट
NEET 2026 Re-Exam:
देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सात स्तरीय निगरानी के बीच रविवार को आयोजित नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय जिले में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है. इस फर्जीवाड़े में गया जी के मगध मेडिकल कॉलेज के छात्र का भी नाम सामने आया है. गिरफ्तार छात्र को अब कॉलेज प्रशासन निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है. जानकारी अनुसार पुलिस ने करीब 30 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है.

आरोपी अंकित राज को निष्कासित करने की तैयारी

जानकारी अनुसार नीट परीक्षा में कथित तौर पर फर्जी छात्र के रूप में परीक्षा देने के आरोप में गिरफ्तार मगध मेडिकल कॉलेज के चौथे वर्ष के छात्र अंकित राज के खिलाफ कॉलेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. कॉलेज प्रशासन ने उसे संस्थान से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं मामले की जांच पहले से ही केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) के स्तर पर चल रही थी.

15 दिन पहले भी सीबीआई ने आरोपी अंकित से की थी पूछताछ

मगध मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने बताया कि अंकित राज लंबे समय से जांच एजेंसियों की निगरानी में था. करीब 15 दिन पहले ही सीबीआई की टीम कॉलेज पहुंचकर छात्र से संबंधित सभी दस्तावेज अपने साथ ले गई थी. इसके अलावा सीबीआई की टीम पहले भी कॉलेज पहुंचकर छात्र से पूछताछ कर चुकी थी.

देर शाम आरोपी छात्र के कमरे की हुई तलाशी

उन्होंने बताया कि लखीसराय में गिरफ्तारी के बाद रविवार देर शाम पुलिस ने छात्र के हॉस्टल के कमरे की तलाशी ली. इस दौरान एक टैब, आधार कार्ड, वोटर आईडी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं. कॉलेज प्रशासन के अनुसार छात्र पिछले कुछ दिनों से कॉलेज परिसर से भी बाहर था.

प्राचार्या का बड़ा बयान

प्राचार्या ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि छात्र गंभीर अनियमितताओं और गलत गतिविधियों में शामिल था. ऐसी स्थिति में उसे मेडिकल कोर्स पूरा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, इसलिए कॉलेज प्रशासन द्वारा निष्कासन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. साथ ही अन्य स्तरों पर भी मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली स्वीकार नहीं की जा सकती. योग्य और मेहनती छात्रों का हक मारकर यदि कोई व्यक्ति डॉक्टर बनने की कोशिश करता है तो यह पूरे समाज और चिकित्सा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, कल देशभर में नीट का री-एग्जाम हुआ.इस दौरान प्रशासन ने लखीसराय के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर नौ फर्जी परीक्षार्थियों (स्कॉलर/सॉल्वर) को गिरफ्तार किया है, जबकि बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़ी निजी एजेंसी के सात कर्मियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की. प्रारंभिक जांच में ये संकेत मिले हैं कि गिरफ्तार लोग असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे और इसके लिए मोटी रकम का सौदा किया गया था.

7 फर्जी परीक्षार्थियों को किया गया था गिरफ्तार

नौ मुन्ना भाइयों की गिरफ्तारी के बाद जांच की परतें खुल रही हैं और पुलिस सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है. जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर कुल 720 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, जिनमें 673 उपस्थित और 47 अनुपस्थित रहे. केआरके हाईस्कूल केंद्र से एक, राजकीय हसनपुर हाईस्कूल से एक और केंद्रीय विद्यालय केंद्र से सात फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया. वहीं डायट लखीसराय केंद्र से किसी भी फर्जी परीक्षार्थी की गिरफ्तारी नहीं हुई.

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दो दर्जन से अधिक लोग हिरासत में

प्रशासनिक कार्रवाई के तहत अब तक नौ फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं दो दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि इनमें एक दर्जन से अधिक लोग बायोमीट्रिक प्रक्रिया से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है.

मास्टरमाइंड की तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार ने संयुक्त रूप से गहन जांच के निर्देश दिए हैं. गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे सॉल्वर गैंग और इसके सरगना तक पहुंचा जा सके. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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साक्षी कुमारी

लेखक के बारे में

By साक्षी कुमारी

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

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