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मानव जाति की अविवेकपूर्ण गतिविधियां है ग्लोबल वार्मिंग का कारण

Updated at : 09 Jun 2024 8:05 PM (IST)
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मानव जाति की अविवेकपूर्ण गतिविधियां है ग्लोबल वार्मिंग का कारण

मगध विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं पर्यावरणविद प्रो दिलीप कुमार केसरी ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित जलवायु परिवर्तन विषय पर अंतरराष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस में आमंत्रित वक्ता के रूप में व्याख्यान दिया.

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बोधगया. मगध विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं पर्यावरणविद प्रो दिलीप कुमार केसरी ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित जलवायु परिवर्तन विषय पर अंतरराष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस में आमंत्रित वक्ता के रूप में ग्लोबल वार्मिंग एंड क्लाइमेट चेंज : एन ओवरव्यू विषय पर विशिष्ट व्याख्यान प्रस्तुत किया. प्रो केसरी ने अपने व्याख्यान में बताया कि ग्लोबल वाॅर्मिंग पृथ्वी के वातावरण के समग्र तापमान में क्रमिक वृद्धि दर्शाता है, जिसका मुख्य कारण मानव जाति के अविवेकपूर्ण गतिविधियों, शहरीकरण, औद्योगिकरण, वनों की कटाई एवं आगलगी, जिवाष्म ईंधन का अति उपयोग आदि से उत्पन्न ग्रीन हाउस गैस, जैसे कार्बन डाईऑक्साइड, मिथेन, क्लोरोफ्लूरो कार्बन, जलवाष्प आदि का अत्यधिक उत्सर्जन है. इसी ग्रीन हाउस प्रभाव या ग्लोबल वार्मिंग के कारण किसी स्थान विशेष या वैश्विक स्तर पर औसत तापक्रम, आद्रता, वर्षाचक्र में परिवर्तन को क्लाइमेट चेंज या जलवायु परिवर्तन कहते हैं. जलवायु परिवर्तन पृथ्वी पर जीवन को विभिन्न तरीकों से प्रभावित कर रहा है, जिसके कारण बेमौसम बारिश, बाढ़, भूस्खलन, अत्यधिक गर्मी, सुखाड़, मच्छर-विषाणु -जीवाणु जनित रोगों के कारण पृथ्वी पर उपस्थित जीव -जंतुओं, वनस्पतियों की प्रजातियों के विलुप्त होने के साथ साथ मानव जाति के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है. इस संकट का एक सरल समाधान पौधारोपण, उनका संरक्षण एवं संवर्धन है . इस व्याख्यान के उपरांत तकनीकी सत्र के अध्यक्ष एवं आयोजन समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रो केशरी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. इसके पूर्व दिवस पर प्रो केशरी नें एक अन्य तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की एवं आयोजन समिति द्वारा सम्मानित किये गये. इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में देश- विदेश के 250 से अधिक वैज्ञानिक, प्रोफेसर, शोधार्थी, स्नातकोत्तर छात्रों नें ओरल प्रस्तुति एवं पोस्टर प्रस्तुति द्वारा शोध पत्रों को प्रस्तुत किया. इस उपलब्धि पर प्रो केशरी को मगध विश्वविद्यालय के प्रो ब्रजेश राय, प्रो गौतम सिन्हा, प्रो अनवर खुर्शीद, डॉ संजय कुमार, डॉ पीके चौधरी व विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य डॉ वेद प्रकाश चतुर्वेदी, डॉ दीपक कुमार, डॉ सत्येंद्र प्रजापति, डॉ कृष्णा नन्द, डॉ उदय पासवान, डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा, डॉ सुधीर कुमार मिश्रा, डॉ सैलज श्रीवास्तव, डॉ विजय रजक, डॉ अरुण रजक आदि ने बधाई व शुभकामनाएं दी हैं.

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