Gaya News : बच्चों को आयरन एवं फॉलिक एसिड की खुराक देने में पांच प्रखंड सबसे आगे

Gaya News : छह से 59 माह के आयु के बच्चों को जनवरी माह में आयरन एवं फॉलिक एसिड दवा का सेवन कराने में शीर्ष पांच प्रखंड रहे.
गया़ छह से 59 माह के आयु के बच्चों को जनवरी माह में आयरन एवं फॉलिक एसिड दवा का सेवन कराने में शीर्ष पांच प्रखंड रहे. इसमें गुरुआ, अतरी, बेलागंज और बांकेबाजार प्रखंड शामिल हैं. पांच से नौ वर्ष आयुवर्ग के बच्चों को आइएफए दवा सेवन कराने में शीर्ष पांच प्रखंडों में टनकुप्पा, टिकारी, कोंच, फतेहपुर और बेलागंज प्रखंड शामिल हैं. 10 से 19 वर्ष के किशोरियों में आइएफए दवा सेवन कराने में शीर्ष पांच प्रखंडों में टिकारी, कोंच, बेलागंज, शेरघाटी और टनकुप्पा शामिल हैं. उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम को लेकर बोधगया में आयोजित समीक्षा सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने कहा कि एनीमिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य और सामाजिक आर्थिक जीवन पर पड़ता है. एनीमिया का खास असर महिलाओं पर पड़ता है. एनीमिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयरन व फॉलिक एसिड सीरप व गोली का सेवन कराया जाता है. दवा सेवन के साथ-साथ खानपान संबंधी व्यवहार परिवर्तन, कृमि दूर करने के लिए दवा का सेवन, हीमोग्लोबिन की जांच आदि शामिल है. स्कूलों में टी थ्री यानि टेस्ट, ट्रीट एंड टॉक कैंप का आयोजन किया जाता है. जिले में हीमोग्लोबिन की जांच को बढ़ाना है ताकि किशोर-किशोरियों में एनीमिया के स्तर की मॉनीटरिंग कर इससे बचाव के लिए दवा दी जा सके. इस मौके पर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज के सहयोग से एक दिवसीय समीक्षात्मक बैठक व प्रशिक्षण में डीआइओ डॉ राजीव अंबष्ट, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी जयशंकर, यूनिसेफ से पोषण पदाधिकारी डॉ संदीप घोष व राज्य सलाहकार प्रकाश सिंह आदि मौजूद थे. डॉ संदीप घोष ने बताया बच्चों में एनीमिया रोकथाम के लिए एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जिले में चलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम की मदद से छह से 59 माह के बच्चों को आयरन फॉलिक एसिड सीरप सप्ताह में दो बार व पांच से नौ वर्ष के बच्चों को आइएफए गुलाबी गोली प्रत्येक सप्ताह इसके अलावा 10 से 19 वर्ष के किशोर किशोरियों को आइएफए नीली गोली का सेवन कराया जाता है.
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