बंगाल चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी के ‘शिव मंदिर’ वाले Video पर संग्राम, BJP-TMC आमने-सामने

Updated at : 28 Mar 2026 10:18 PM (IST)
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Mamata Banerjee Temple Video Controversy

बायें अमित मालवीय का ट्वीट. दायें मालवीय के ट्वीट को तृणमूल ने बताया फेक.

Mamata Banerjee Temple Video Controversy: ममता बनर्जी के शिव मंदिर वाले एक बयान पर भाजपा ने निशाना साधा है. भाजपा ने जैसे ही वीडियो शेयर किया, टीएमसी ने इस पर पलटवार किया. कहा कि वीडियो एडिटेड है. पार्टी ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है. जानें क्या है पूरा विवाद.

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Mamata Banerjee Temple Video Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मुहाने पर खड़ा बंगाल शनिवार को ‘वीडियो वॉर’ का अखाड़ा बन गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक कथित बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच सोशल मीडिया पर जबरदस्त संग्राम छिड़ गया. भाजपा ने ममता बनर्जी पर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाये, तो टीएमसी ने इसे ‘फेक न्यूज’ करार देते हुए चुनाव आयोग में इसकी शिकायत कर दी.

अमित मालवीय बोले- हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान

भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो साझा करते हुए उन पर तीखा हमला बोला. मालवीय ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी मंदिरों के विध्वंस का मजाक उड़ा रही हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- अगर एक शिव मंदिर तोड़ा जाता है, तो भाजपा उस पर कितना ड्रामा करती है! यह ममता बनर्जी की टिप्पणी है. वह मंदिरों के विध्वंस का मजाक उड़ा रही हैं. अमित मालवीय ने दावा किया कि मुख्यमंत्री बार-बार अपने ‘वोट बैंक’ को हिंदुओं के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए उकसावे वाली बातें कर रही हैं. भाजपा ने नारा दिया- पोलटानो दरकार (बदलाव की जरूरत है).

TMC ने किया पलटवार- एडीटेड वीडियो

भाजपा के इन आरोपों के कुछ ही देर बाद तृणमूल कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कड़ा प्रतिवाद किया. टीएमसी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के भाषण को जान-बूझकर क्लिप (Edit) करके संदर्भ से बाहर पेश किया गया है, ताकि अशांति फैलायी जा सके. टीएमसी ने कहा है कि मूल वीडियो में ममता बनर्जी ने स्पष्ट कहा है कि मंदिरों को कभी नहीं गिराया जाना चाहिए. मैं कभी इसका समर्थन नहीं करूंगी. भाजपा ने उस हिस्से को जान-बूझकर हटा दिया है, ताकि एक झूठा नैरेटिव बनाया जा सके और जनता को हिंसा के लिए उकसाया जा सके.

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चुनाव आयोग से कठोर कार्रवाई की मांग

तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले को @ECISVEEP (इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) में ले जाने का ऐलान किया है. पार्टी ने कहा है कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह का भ्रामक प्रचार केवल चुनावी कदाचार नहीं, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर सीधा हमला है. नफरत भरे अभियान चलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग टीएमसी ने की है.

Mamata Banerjee Temple Video Controversy: सियासी घमासान की 3 बड़ी बातें

  • वीडियो विवाद : भाजपा का दावा है कि ममता बनर्जी मंदिरों का अपमान कर रही हैं, जबकि टीएमसी का कहना है कि वीडियो मैनुपुलेटेड (छेड़छाड़ किया हुआ) है.
  • चुनावी माहौल : मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद राज्य पहले से ही संवेदनशील है. ऐसे में इस ‘वीडियो वाॉर’ ने तनाव और बढ़ा दिया है.
  • डिजिटल जंग : दोनों ही दल सोशल मीडिया X को मुख्य हथियार बनाकर मतदाताओं को अपनी ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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