Gaya News : बहादुर बेटियों को सेना की वर्दी में देख भर आयीं आंखें

Gaya News : ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया ने महिला दिवस पर सेना व देश को खास तोहफा दिया है. पहली बार गया ओटीए से 18 महिला ऑफिसर कैडेट पासआउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बनीं.
गया. ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया ने महिला दिवस पर सेना व देश को खास तोहफा दिया है. पहली बार गया ओटीए से 18 महिला ऑफिसर कैडेट पासआउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बनीं. अपनी बहादुर बेटियों को सेना की वर्दी में देश की रक्षा के लिए तैयार देख परिवारों की खुशियों का ठिकाना नहीं था. उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक चार व बिहार की अंजलि प्रिया (रोहतास के बिक्रमगंज के तेदुनी गांव) सेना में लेफ्टिनेंट बनीं. इस तरह आंध्र प्रदेश से चार, असम से दो, बिहार से पांच (चार पुरुष व एक महिला) इसमें एक पुरुष ऑफिसर कैडेट की तबीयत अचानक खराब हाने के कारण कमीशन नहीं हुए, बताया गया कि स्वस्थ होने पर उन्हें कमीशन दी जायेगी, छत्तीसगढ़ एक, दिल्ली से सात, गुजरात से पांच (चार पुरुष व एक महिला), हरियाणा से 13 (12 पुरुष व एक महिला), हिमाचल प्रदेश से नौ (आठ पुरुष व एक महिला), जम्मू कश्मीर से पांच, झारखंड एक, कर्नाटक से 9 (आठ पुरुष व एक महिला), केरल से चार, मध्य प्रदेश 14 ( 12 पुरुष व दो महिला), महाराष्ट्र से 22, ओड़िशा से दो, पंजाब से पांच, राजस्थान से नौ (सात पुरुष व दो महिलाएं), तमिलनाडु से 10, त्रिपुरा एक, उत्तर प्रदेश 24 (20 पुरुष व चार महिलाएं), उत्तराखंड से नौ (सात पुरुष व दो महिला) वेस्ट बंगाल से एक ऑफिसर कैडेट सेना में कमीशन हुए.
गुरेज कंपनी को मिला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर अवार्ड, प्रनील शर्मा को गोल्ड
ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अव्वल प्रदर्शन करनेवाली गुरेज कंपनी को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर अवार्ड मिला. पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि इस्टर्न कमान के जनरल रामचंद्र तिवारी ने कंपनी को लीड कर रहे एकेडमी अंडर ऑफिसर सह परेड कमांडर शिवम मिन्हास को आर्मी स्टाफ बैनर अवार्ड प्रदान किया. शिवम मिन्हास को शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) पुरुष-62 और महिला-33 कोर्स में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी कैडेट के रूप चयनित किये जाने पर प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और कांस्य पदक प्राप्त हुआ. उन्हें सिख लाइट इन्फेंट्री की 11वीं बटालियन में कमीशन हुआ है. एकेडमी कैडेट एजुटेंट प्रनील शर्मा को शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) पुरुष-62 और महिला-33 में ओवरऑल प्रथम व सर्वश्रेष्ठ ऑफिसर कैडेट के रूप में चुने जाने पर स्वर्ण पदक पदक मिला. उन्हें जम्मू एवं कश्मीर की 13वीं बटालियन में कमीशन मिला है. वहीं ऑफिसर कैडेट दिग्विजय सिंह पनवर ने शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) पुरुष-62 और महिला-33 में ओवरऑल सेकेंड बेस्ट ऑफिसर कैडेट के रूप में चुने जाने पर रजत पदक प्राप्त किया. उन्हें कुमायूं रेजिमेंट की 15वीं बटालियन में कमीशन मिला है.अलग-अलग शाखाओं में मिली नये सेना अफसरों को जिम्मेदारी, सबसे अधिक इन्फेंट्री में 31 को
ओटीए से पास आउट होने पर सेना के विभिन्न शाखा में नये सेना अफसरों को जिम्मेदारी दी गयी है. सबसे अधिक इन्फेंट्री में 31 ऑफिसर मिले. एसी में एसएससी टेक 62 कोर्स के आठ, आर्टी में 18 (एसएससी टेक 62 कोर्स के 17 व एसएससी वूमेन टेक 33 कोर्स के एक), एएडी में 18 (17 पुरुष व एक महिला), इंजीनियरिंग में 29 (24 पुरुष व चार महिला), एसआइएनजीएस में 21 (16 पुरुष व पांच महिला), इन्फेंट्री शाखा में 31, मेकेनिकल इंफ में सात, एएससी में तीन (दो पुरुष व एक महिला), इएमइ में 24 (19 पुरुष व पांच महिला), इंट कॉर्प्स में दो व आर्मी एविएशन में आठ सेना अधिकारी के रूप में अपनी सेवा देंगे.पिपिंग सेरेमनी : नये अधिकारियों को बैज लगाकर परिवारवालों में दिखी खुशी की लहर
राजवर्द्धन स्टेडियम में आयोजित पिपिंग समारोह ऑफिसर कैडेटों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के लिए एक खुशी का भावुक क्षण था. बिगुल ध्वनि बजते ही अधिकारी कैडेटों ने अपने कंधों पर सितारे लगाये जो कि उन्हें अधिकारी होने के गौरव का अहसास दिलाती है. एकेडमी के एडजुटेंट, लेफ्टिनेंट कर्नल रविंदर सिंह द्वारा राष्ट्र सेवा की पवित्र शपथ दिलायी गयी. उन ऑफिसर कैडेट्स के लिए वह क्षण नयी उमंग और उत्सव से भरा हुआ था. भारतीय सेना में नेतृत्वकर्ता की भूमिका से परिवार को खुशी का ठिकाना नहीं था.जम्मू कश्मीर का दलविंदर सिंह सेना में बने लेफ्टिनेंट, चौथी पीढ़ी जो करेगी देश सेवा
जम्मू- कश्मीर के दलविंदर सिंह भी शनिवार को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से पास आउट होकर सेना में अफसर बने. दलविंदर सिंह परिवार की चौथी पीढ़ी हैं, जो देश सेवा के लिए सेना में शामिल हुए. पिता सुखविंदर सिंह भी आर्मी से हैं. वह सूबेदार पद से रिटायर्ड हैं. वहीं उनकी बेटी तसवीर कौर आर्मी में, साथ ही दामाद मनप्रीत सिंह भी आर्मी में हैं. पूरा परिवार सेना के अधिकारियों से भरा पड़ा है. चौथी पीढ़ी को ऐसे समझें -दलविंदर सिंह ( ओटीए से पास आउट) के पिता सुखविंदर सिंह (आर्मी अफसर रिटायर्ड) के पिता हरजान सिंह ( आर्मी अफसर) के पिता भगत सिंह ( आर्मी में अफसर) रहे हैं. पासिंग आउट परेड के दौरान सेना में कमीशन होने पर पिता सुखविंदर सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं था. वह अपनी पत्नी, बेटी दामाद के साथ गया ओटीए में पासिंग आउट समाराेह में शामिल होने पहुंचे थे. बेटे के कंधे पर बैज लगाकर मां-पिता काफी खुश थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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