बिहार DGP विनय कुमार का फरमान, किसी भी थाना से नहीं लौटे कोई फरियादी, करें जीरो एफआइआर
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Apr 2025 9:31 PM
डीजीपी विनय कुमार
Bihar DGP New order: डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बदलते माहौल में अब पुलिस को भी अपनी छवि पर ध्यान देने जरूरत है. यह तभी संभव है, जब सभी थानाध्यक्ष जीरो एफआइआर के प्रति गंभीर होंगे. थाना परिसर में कोई व्यक्ति अपनी फरियाद लेकर आता है, तो उस फरियादी को संबंधित थाना भेजने के बजाय उसका बयान लेकर जीरो एफआइआर दर्ज करें और संबंधित थाना को कॉपी भेज दे.
Bihar DGP New order, रोशन कुमार, गया: गया पहुंचे डीजीपी विनय कुमार ने रविवार को पुलिस ऑफिस में घंटों बैठक की. यहां उन्होंने मगध रेंज के आइजी क्षत्रनील सिंह, एसएसपी आनंद कुमार, सिटी एसपी रामानंद कुमार कौशल और एएसपी अनवर जावेद अंसारी की मौजूदगी में जिले के सभी इंस्पेक्टर व डीएसपी रैंक के सभी पुलिस पदाधिकारियों को दर्जनों बिंदुओं पर टिप्स दिया. डीजीपी ने कहा कि बदलते माहौल में अब पुलिस को भी अपनी छवि पर ध्यान देने जरूरत है. ऐसा करने से पब्लिक के बीच पुलिस महकमे के प्रति एक नया विश्वास कायम होगा.
गलत सूचना देने पर हो कार्रवाई
DGP ने आगे काह कि अब किसी फरियादी को यह कह कर उसे थाना परिसर से लौटा दे रहे हैं कि अमुक घटना उनके थाना क्षेत्र में नहीं है, तो इससे पीड़ित व्यक्ति और दु:खी हो जाता है. जबकि ऐसे मामले में थानाध्यक्ष की थोड़ी सी सतर्कता से जीरो एफआईआर करने पर पीड़ित को काफी राहत मिल सकती है. डीजीपी ने एसएसपी व सिटी एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में सभी थानों से एक ऐसा रेकॉर्ड बनाये, जिसमें उल्लेख हो कि किस थाने में कितना जीरो एफआईआर दर्ज किया गया. लेकिन, अगर कोई गलत सूचना देता है तो उसके विरुद्ध स्पष्टीकरण सहित अन्य कार्रवाई करें.
पुलिस पर हो रहे हमले के प्रति हो गंभीर
डीजीपी ने कहा कि हाल के दिनों में पुलिस पर हो रहे हमले से संबंधित घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. इस विषय पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है. उन कारणों की तलाश करें, जिससे पब्लिक उग्र होकर पुलिस पर हमला करने को विवश हो जा रही है. ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर कारगर कदम उठाये. पुलिस व पब्लिक के बीच दोस्ताना व्यवहार करें. लेकिन, ऐसा नहीं हो कि कोई व्यक्ति आवश्यक रूप से थाना परिसर में बैठकी लगाता रहे. ऐसे लोगों को चिह्नित कर अंकुश लगाये.

नये कानून व ई-साक्ष्य के प्रति रहे सचेत
डीजीपी ने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि हाल ही में लागू हुए नये कानून के प्रति सजग रहें. साथ ही ई-साक्ष्य के प्रति सभी इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर सचेत रहे. ई-साक्ष्य संकलन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. लंबित कांडों के अनुसंधान में पुलिस पदाधिकारियों के द्वारा टाल-मटोल की नीति अपनायी गयी, तो ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी.
लापता नाबालिग व बालिग लोगों में दर्ज करें एफआईआर
डीजीपी ने कहा कि लापता होनेवाले नाबालिग बच्चे व बच्चियों सहित व्यस्क लोगों के मामले में बिल्कुल लापरवाही नहीं करें. परिजनों के द्वारा सूचना मिलते ही एफआईआर दर्ज करें और उसे बरामद करने के प्रति आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दें. ऐसा देखा जाता है कि मीसिंग के मामले में संबंधित थाने के पुलिस पदाधिकारी सिर्फ आवेदन लेकर परिजनों को समझा बुझा कर थाना से चला देते हैं. ऐसा करनेवाले पुलिस पदाधिकारी दंड के भागी होंगे. ऐसी घटनाओं को लेकर पूर्व में भी ठोस निर्देश दिया जा चुका है.
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हाल के वर्षों में 2025 ऐसा साल है, जब रामनवमी में नहीं हुई कोई घटनाएं
डीजीपी ने पुलिस पदाधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हाल के वर्षों में 2025 ऐसा साल रहा है, जब रामनवमी में पूरे बिहार में हिंसक घटनाएं नहीं हुई है. मगध रेंज के गया सहित पांचों जिलों में बहुत ही शांतिपूर्ण माहौल में रामनवमी पर्व संपन्न हुआ. इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं. जल्द ही पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित किया जायेगा.
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लगातार चार घंटों तक दिये टिप्स
करीब तीन बजे शुरू हुई मीटिंग के दौरान डीजीपी ने लगातार चार घंटों तक पुलिस पदाधिकारियों को दर्जनों बिंदुओं पर टिप्स दिया. इस दौरान डीजीपी ने अपने आइपीएस जीवन काल में अबतक हुई कई महत्वपूर्ण घटनाओं का भी जिक्र करते हुए पुलिस पदाधिकारियों को गुर सिखाये. डीजीपी ने कहा कि थाना परिसर में बने आगंतुक कक्ष को सुंदर बना कर रखें. थाना परिसर में आनेवाले हर लोगों की इंट्री विजिटर बुक में दर्ज करें और संबंधित वरीय अधिकारी विजिटर बुक का जायजा लेंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि थाना में किस-किस प्रकार के लोगों का आना-जाना लगा रहता है. डीजीपी ने कहा कि सभी थानाध्यक्ष पंचायत स्तर पर जनता दरबार लगाये. पब्लिक से मिलने-जुलने में कोई कोताही नहीं करें. साथ ही उनके साथ बैठक चाय-नाश्ता भी करें और चाय-नास्ता का खर्च का भुगतान संबंधित विभाग से कराये.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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