शनिवार की रात 8:30 से मंगलवार की सुबह चार बजे तक होती रही छापेमारी, 55 घंटे बाद हाथ आया रॉकी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 May 2016 8:15 AM

विज्ञापन

गया: सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था. शहर की गतिविधियों के बीच शनिवार की रात करीब आठ बजे पुलिस लाइन रोड पर एक युवक आदित्य सचदेवा की गोली मारने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी. एसएसपी गरिमा मलिक ने सिटी एसपी अवकाश कुमार, सिटी डीएसपी आलोक कुमार व कई थानेदारों […]

विज्ञापन
गया: सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था. शहर की गतिविधियों के बीच शनिवार की रात करीब आठ बजे पुलिस लाइन रोड पर एक युवक आदित्य सचदेवा की गोली मारने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी. एसएसपी गरिमा मलिक ने सिटी एसपी अवकाश कुमार, सिटी डीएसपी आलोक कुमार व कई थानेदारों को मेडिकल पहुंचने का निर्देश दिया. रात करीब नौ बजे तक मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल परिसर में पुलिसवालों व शहर के कई लोगों का जमावड़ा लग गया. पता चला कि गोली लगने के बाद अस्पताल लाये गये युवक की मौत हो गयी.

मामले की जानकारी लेने के क्रम में पुलिस को यह पता चला कि मृतक आदित्य सचदेवा के साथ चार अन्य लड़के भी थे. पुलिस ने उनसे घटना की जानकारी लेने के साथ ही हमलावर की गाड़ी रेंजरोवर की खोजबीन शुरू की. चुकी रेंज रोवर गाड़ियों की संख्या शहर में गिनी-चुनी हैं, इस कारण जल्द ही गाड़ी को बिंदी यादव व एमएलसी मनोरमा देवी के घर के पास से बरामद कर लिया गया.

आदित्य सचदेवा के दोस्तों की निशानदेही पर रेंजरोवर गाड़ी में मौजूद एक सुरक्षागार्ड राजेश कुमार को भी बिंदी यादव के घर से गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि शुरुआत में गार्ड राजेश कुमार ने अन्य सुरक्षाकर्मियों के साथ शामिल होकर खुद को बचाने का प्रयास किया, पर पूछताछ में जल्द ही उसने अपना मुंह खोल दिया. गाड़ी के साथ मौजूद सुरक्षागार्ड राजेश कुमार अब पुलिस की पकड़ में आ चुका था व उसकी निशानदेही पर मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव व साथ रहे एक अन्य युवक की खोजबीन शुरू कर दी गयी. रात के करीब 11 बजे तक मामले का खुलासा हो चुका था. पुलिस ने अब रॉकी यादव की खोज शुरू की. इस दौरान उसे छुपाने के आरोप में बिंदी यादव को भी हिरासत में ले लिया.
गिरफ्तारी के लिए बनी खास टीम
एसएसपी ने रॉकी व उसके साथ रहे युवक को गिरफ्तार करने के लिए एसआइटी का गठन कर दिया. इसमें सिटी एसपी के नेतृत्व में बिंदी यादव के रिश्तेदारों के अलावा उनके कारोबार वाले स्थानों पर छापेमारी शुरू कर पिस्टल के साथ रॉकी को पकड़ना थी बड़ी चुनौती दी गयी. इसमें बोधगया, मोहनपुर व शहर के कई ठिकाने शामिल हैं. सुबह के पांच बजे तक चली छापेमारी में रॉकी को पकड़ा नहीं जा सका. इससे पहले की एसआइटी अगली रणनीति पर काम करती लोगों ने स्वराजपुरी रोड को जाम कर दिया. दिन भर चले सड़क जाम के बाद शाम को करीब चार बजे स्थिति सामान्य हुई व फिर से छापेमारी शुरू कर दी गयी. यानी रविवार की रात में भी बिंदी यादव के परिजनों, रिश्तेदारों व कारोबार वाले स्थानों पर रॉकी की खोजबीन की गयी. लेकिन, पुलिस को यहां भी सफलता नहीं मिली. मामले को लेकर जोनल आइजी नैयर हसनैन खां भी गया पहुंचे और सोमवार को आदित्य के परिजनों से मिलने के बाद डीआइजी सौरभ कुमार, एसएसपी, सिटी एसपी, सिटी डीएसपी व रामपुर के थानेदार के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की और अगली रणनीति तय की. इस दौरान एक टीम को दिल्ली भी रवाना कर दिया गया, ताकि रॉकी व उसके पास रहे पिस्टल के लाइसेंस के बारे में जानकारी जुटायी जा सके. साथ ही कई टीमों को बांट कर छापेमारी भी की जाती रही. सोमवार को ही पुलिस ने बिंदी यादव व मनोरमा देवी के बॉडीगार्ड राजेश कुमार को कोर्ट में पेश किया व उन्हे जेल भेज दिया.
सोमवार की रात पुलिस ने झोंकी ताकत
पुलिस ने सोमवार की शाम करीब छह बजे तय रणनीति के तहत एमएलसी मनोरमा देवी को उनके ही घर में घेर कर पूछताछ शुरू कर दी. इसमें सिटी एसपी अवकाश कुमार के नेतृत्व में एसआइटी में शामिल पुलिस पदाधिकारी मानोरमा देवी के साथ ही उनके घर में मौजूद अन्य सदस्यों व नौकरों से भी अलग-अलग पूछताछ शुरू कर दी.

जानकारी के अनुसार, संबंधित थाना क्षेत्र में तैनात छापेमार दल के माध्यम से छापेमारी भी की जाती रही. इस दौरान बिंदी यादव के भाई शीतल यादव, डोमन यादव, सुरेश यादव, रिश्तेदार शंकर यादव के साथ ही अन्य संबंधियों के घरों में भी छापेमारी होती रही. पुलिस परैया से लेकर मोहनपुर तक छानबीन करती रही. इसी बीच मनोरमा देवी के घर में चल रही पूछताछ के आधार पर मिल रही जानकारियों की जांच भी की जा रही थी और छापेमारी भी.

रात के करीब एक बजे मनोरमा देवी के आवास को पुलिस ने खाली कर दिया. मनोरमा देवी के घर के बाहर जमें मीडिया कर्मियों के जाने के बाद पुलिस ने फिर से मनोरमा देवी के घर पर दबिश डाल दी और पूछताछ शुरू कर दी. एसआइटी में शामिल एक पदाधिकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान ही यह पता चला कि बिंदी यादव का गया-डोभी रोड में एक डेयरी फार्म भी है. इसके बाद पुलिस ने डेयरी फॉर्म पर दबिश डाल कर रॉकी को उसके लाइसेंसी पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का मानना था कि रॉकी को उसके पिस्टल के साथ ही हर हाल में पकड़ा जाना था, ताकि आदित्य सचदेवा को गोली मारने का अहम सबूत भी पुलिस के हाथ लग सके. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आदित्य के सिर में फंसी कारतूस व रॉकी का पिस्टल व कारतूस का मिलान कर ही रॉकी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किया जा सके. पुलिस ने एफएसएल टीम के माध्यम से भी आदित्य के बैठे होने वाले कार के शीशे में गोली के माध्यम से हुए सुराख व अन्य नमूने जुटाये हैं. अंत में रॉकी को गिरफ्तार कर शहर के डेल्हा थाने में रखा गया और एसएसपी कार्यालय में एसएसपी गरिमा मलिक ने मंगलवार की सुबह 10 बजे मीडिया के समक्ष रॉकी को उसके पिस्टल के साथ पेश किया. हालांकि पुलिस अब भी रॉकी के साथ रहे युवक को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन