फर्जी उपस्थिति मामले के तीनों आरोपित डॉक्टर फरार

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फर्जी उपस्थिति मामले के तीनों आरोपित डॉक्टर फरारगिरफ्तारी के डर से नहीं आ रहे अस्पताल, रजिस्टर्ड डाक से प्राचार्य को दिया है अवकाश का आवेदनडीएम भी अपने स्तर से करा चुके हैं मामले की जांच, अब तक स्पष्टीकरण भी नहीं हो सका है तामिल वस्तुस्थिति से विभाग को करा दिया गया है अवगत, एक सप्ताह […]

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फर्जी उपस्थिति मामले के तीनों आरोपित डॉक्टर फरारगिरफ्तारी के डर से नहीं आ रहे अस्पताल, रजिस्टर्ड डाक से प्राचार्य को दिया है अवकाश का आवेदनडीएम भी अपने स्तर से करा चुके हैं मामले की जांच, अब तक स्पष्टीकरण भी नहीं हो सका है तामिल वस्तुस्थिति से विभाग को करा दिया गया है अवगत, एक सप्ताह बाद डाक से भेजा जायेगा स्पष्टीकरणसंवाददाता, गयामगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अनुपस्थित डॉक्टरों की भी हाजरी बनाये जाने का खुलासा होने के बाद भौतिक चिकित्सा व पुनर्वास (पीएमआर) विभाग के तीन आरोपित डॉक्टर फरार हैं. तीनों गिरफ्तारी के भय से ड्यूटी नहीं आ रहे हैं. बचाव में दो डॉक्टरों ने रजिस्टर्ड डाक से कॉलेज के प्राचार्य को अवकाश का आवेदन भेज दिया है. इस मामले की जांच डीएम भी अपने स्तर से करा चुके हैं. डीएम व प्राचार्य द्वारा आराेपित डॉ आलोक कुमार, डॉ विकास कुमार व डॉ अनिल कुमार से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है. लेकिन, तीनों के फरार रहने के कारण अब तक स्पष्टीकरण का तामिला नहीं कराया जा सका है. प्राचार्य डॉ सुशील प्रसाद महतो की मानें, तो एक सप्ताह के अंदर तीनों डॉक्टर योगदान नहीं करते हैं, तो रजिस्टर्ड डाक से स्पष्टीकरण भेज दिया जायेगा.उल्लेखनीय है कि गत 18 दिसंबर को अस्पताल उपाधीक्षक के कक्ष में घुस कर फर्जी हाजिरी बनाते राकेश कुमार नामक युवक को रंगेहाथ पकड़ा गया था. युवक की पहचान नवादा जिले के अकबरपुर थाना के पटोरी गांव निवासी उपेंद्र सिह के पुत्र के रूप में हुई थी, जो डॉ विकास कुमार के घर में साफ-सफाई का काम करता था. पूछताछ में युवक ने बताया था कि पैसे लेकर वह हर रोज पीएमआर विभाग में कार्यरत डॉ आलोक कुमार, डॉ विकास कुमार व डॉ अनिल कुमार की फर्जी हाजिरी बनाते आ रहा है. इसके बाद युवक विकास कुमार को जेल भेज दिया गया. तभी से तीनों डॉक्टर फरार हैं. इनमें एक कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त डॉ आलोक कुमार का कोई अता-पता नहीं है. लेकिन, डॉ विकास कुमार व डॉ अनिल कुमार ने रजिस्टर्ड डाक से अवकाश का आवेदन कॉलेज के प्राचार्य को आवेदन दे रखा है. इस मामले में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ कामेश्वर मंडल की लिखित शिकायत पर मगध मेडिकल थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. बताया जाता है कि गिरफ्तारी के डर से तीनों डॉक्टर अस्पताल नहीं आ रहे हैं. दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई तयमगध मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुशील प्रसाद महतो ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है. तीनों आरोपित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा चुका है. लेकिन, लगातार फरार रहने के कारण स्पष्टीकरण का तामिला नहीं कराया जा सका है. एक सप्ताह के अंदर तीनों डॉक्टरों ने योगदान नहीं किया, तो तीनों डॉक्टर के घर के पते पर रजिस्टर्ड डाक से स्पष्टीकरण का नोटिस भेज दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई होनी तय है.

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