कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण

Published at :06 Jun 2018 2:43 AM (IST)
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कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण

गया: कभी चाकंद स्थित बड़की पोखर व धोबघट्टा पोखर मत्स्य पालन के लिए सबसे बेहतर जगह माना जाता था. अतिक्रमण के कारण इसका अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है. यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश भी दिया. इसके लिए डीएम व सीओ नगर प्रखंड को भी अतिक्रमण हटाने का […]

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गया: कभी चाकंद स्थित बड़की पोखर व धोबघट्टा पोखर मत्स्य पालन के लिए सबसे बेहतर जगह माना जाता था. अतिक्रमण के कारण इसका अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है. यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश भी दिया. इसके लिए डीएम व सीओ नगर प्रखंड को भी अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया गया.
इतना ही नहीं विधानसभा में सदस्यों को राजस्व व भूमि सुधार मंत्री ने आश्वस्त किया था कि अतिक्रमण हटाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है जिसे शीघ्र पूरा किया जायेगा. बावजूद इसके अब तक यहां से अतिक्रमण नहीं हटाये जा सके हैं. नगर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति के अध्यक्ष नवाब मियां ने प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र देकर कहा है कि अब तक अंचल स्तर पर अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
इसके कारण मछली पालन करने में कई तरह के व्यवधान उत्पन्न होते हैं. अतिक्रमण मुक्त होने के बाद सही तरीके से यहां मछली पालन किया जा सकता है. समिति के अध्यक्ष ने आयुक्त से दोनों पोखरा को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. हालांकि समिति के पत्र को आयुक्त ने डीएम के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया है. एसडीआे सूरज कुमार सिन्हा कहा कि पाेखरा के अतिक्रमण का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया था. जल्द ही इस मामले काे देखकर पाेखरा काे अतिक्रमण मुक्त करा दिया जायेगा.
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