तीन बेटियों के साथ मां ने खाया जहर, मां व दो बच्चियों की मौत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Apr 2018 2:53 AM (IST)
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बेटा नहीं होने पर ससुराल वाले रोज देते थे ताना गया : चाकंद थाना क्षेत्र के मदन बिगहा गांव में एक महिला ने तीन बेटियों को जहर देकर खुद भी जहर खा ली. इससे महिला व उसकी दो बेटियों की मौत हो गयी. एक बच्ची की हालत गंभीर है. इस घटना से क्षेत्र में सनसनी […]
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बेटा नहीं होने पर ससुराल वाले रोज देते थे ताना
गया : चाकंद थाना क्षेत्र के मदन बिगहा गांव में एक महिला ने तीन बेटियों को जहर देकर खुद भी जहर खा ली. इससे महिला व उसकी दो बेटियों की मौत हो गयी. एक बच्ची की हालत गंभीर है. इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी है. महिला ने अपने ही बच्चों को कैसे जहर खिलाया होगा, यह सोच कर सभी अचरज में हैं. क्षेत्रीय लोगों को यह घटना रहस्यों से भरा लग रहा है. लोगों का सवाल है कि आखिर कौन सी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गयी कि महिला को अपनी ही बच्चियों व खुद की जान देने वाले कदम उठाने पड़े, वह भी जहर के सहारे.
जानकारी के अनुसार, चाकंद थाना क्षेत्र के मदन बिगहा गांव के रहनेवाले पप्पू चौधरी की 40 वर्षीय पत्नी नेहा देवी ने अपनी आठ वर्षीय बेटी रानी कुमारी, पांच वर्षीय चांदनी कुमारी व तीन वर्षीय नंदनी कुमारी को जहर देकर खुद भी जहर खा लिया. इसमें नेहा देवी, चांदनी कुमारी, नंदनी कुमारी की मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गयी. वहीं, रानी कुमारी मेडिकल कॉलेज के आइसीयू में जिंदगी व मौत से जंग लड़ रही है.
बताया जाता है कि नेहा देवी का पति पप्पू चौधरी दिल्ली में किसी कंपनी में काम करता है. वह फिलहाल दिल्ली में ही है. दिल्ली से ही पप्पू ने घर में झगड़ा होने व पत्नी व बच्चों को जहर खाने की सूचना अपनी पत्नी की बहन को फोन पर दी थी. चाकंद थाना प्रभारी विक्रमा सिंह ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिली है. घटना की छानबीन की जा रही है.
बड़ी बहन लेकर आयी अस्पताल
इधर, मृतका नेहा देवी की बहन लीला देवी ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे दिल्ली से पप्पू चौधरी का फोन आया. उसने फोन पर बताया कि उसके घर में लड़ाई-झगड़ा हुआ है. मौके पर जाकर देखो. उसने यह भी बताया कि उसकी पत्नी ने अपनी बच्चियों को जहर दे दिया है व खुद भी जहर खा लिया है. इस पर वह अपनी भाभी के साथ मदन बिगहा पहुंची. वहां देखा कि बच्चियों व बहन की हालत नाजुक बनी हुई है और घर के सभी सदस्य चुपचाप मकान के बाहर बैठे हैं.
उन्होंने बताया कि बहन व बच्चियों की स्थिति नाजुक देख सभी को ऑटो से जयप्रकाश नारायण अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल पहुंचने में दोपहर के करीब 12 बजे गये थे. जयप्रकाश नारायण अस्पताल के डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया. मेडिकल कॉलेज पहुंचते-पहुंचते करीब दो बज गये थे. वहां करीब चार बजे तीनों की मौत हो गयी, जबकि एक बच्ची अस्पताल में ही भर्ती है. उन्होंने बताया कि बहन की पांच बेटियां ही थीं, उनमें से दो बच्चियां इसलिए बच गयीं कि वे स्कूल गयी हुई थीं.
बेटी होने पर ससुराल वाले देते थे ताना
मृतका नेहा देवी की मां शांति देवी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बताया कि उनकी बेटी को ससुरालवाले बेटा नहीं जनने पर हर वक्त ताना मारा करते थे, जबकि दामाद को इस बात से कोई मतलब नहीं था. यही वजह थी कि उनकी बेटी लंबे समय तक ससुराल में टिकी रही. उन्होंने बताया कि शनिवार को दामाद के नहीं रहने के कारण ससुर, सास, ननद व देवर ने मारपीट की थी. घर से सारा सामान निकाल कर बाहर फेंक दिया था. इसके बाद ही उनकी बेटी ने कोई आसरा नहीं देख अपना जीवन समाप्त करने का फैसला ले लिया. दो बच्चियों की जान स्कूल जाने के कारण बच गयी. उन्होंने कहा कि कई बार मारपीट करने की शिकायत बेटी ने की थी. सामाजिक दबाव में हर बार समझौता करा दिया जाता था.
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