चूड़ी कारखानों से 76 बाल श्रमिकों को छुड़ा कर गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से शुक्रवार गया लाया गया

Published at :28 Apr 2018 6:39 AM (IST)
विज्ञापन
चूड़ी कारखानों से 76 बाल श्रमिकों को छुड़ा कर गुवाहाटी  एक्सप्रेस ट्रेन से शुक्रवार गया लाया गया

गया : राजस्थान के जयपुर स्थित चूड़ी कारखानों से 76 बाल श्रमिकों को छुड़ा कर गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से शुक्रवार को गया लाया गया. इस संबंध में बाल श्रमिक उन्मूलन के क्षेत्र में काम कर रही स्वयंसेवी संस्था रेस्क्यू जंक्शन के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारियों व कई एनजीओ के सदस्यों […]

विज्ञापन

गया : राजस्थान के जयपुर स्थित चूड़ी कारखानों से 76 बाल श्रमिकों को छुड़ा कर गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से शुक्रवार को गया लाया गया. इस संबंध में बाल श्रमिक उन्मूलन के क्षेत्र में काम कर रही स्वयंसेवी संस्था रेस्क्यू जंक्शन के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारियों व कई एनजीओ के सदस्यों की पहल पर जयपुर पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर कई चूड़ी कारखानों से बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. जयपुर पुलिस व बाल संरक्षण अधिकारियों द्वारा बिहार के 14 जिलों के 76 बच्चों को गया चाइल्ड लाइन में लाया गया है. उन्होंने बताया कि इनमें गया जिले के 22 बच्चे शामिल हैं.

सभी बच्चों की उम्र पांच से 17 वर्ष के बीच है. उन्होंने बताया कि सभी बच्चों की काउंसेलिंग की जा रही है. काउंसेलिंग की प्रक्रिया खत्म होने के बाद परिजनों को बुला कर बच्चे सौंपे जायेंगे. सभी बच्चों को रेस्क्यू जंक्शन संस्था में रखा गया है. सभी बाल श्रमिकों के खाने व रहने की व्यवस्था की गयी है.

बाल श्रमिकों ने सुनायी आपबीती : इस संबंध में बाल श्रमिकों ने बताया कि वे चूड़ी कारखाने में 17 घंटे तक काम करते थे. यहां तक कि तबीयत खराब होने पर भी छुट्टी नहीं मिलती थी. बीमार हालत में ही दवा खाकर काम करते थे. बच्चों ने बताया कि वहां जैसे-तैसे जिदंगी गुजार रहे थे. बच्चों ने कहा कि कारखाने से भागने की कोशिश हमेशा की, लेकिन कहीं न कहीं पकड़ लिये जाते थे. पकड़ाने के बाद फिर उसी अंधेरी दुनिया में चले जाते थे. बच्चों ने कहा कि पांच महीने पहले एक बच्चे की तबीयत खराब हो गयी थी.
लेकिन, उसे डॉक्टर को दिखाने के बजाय काम पर लगाया गया. जब बच्चे ने घर जाने के बारे में कहा, तो कारखाने की मुंशी ने उसके साथ मारपीट की. बच्चों ने यहां तक कहा कि अब ताे जयपुर का नाम लेने से भी डर लगता है. अब दोबारा उस जगह पर कभी नहीं जायेंगे. बच्चों ने कहा कि पहले तो अच्छी-अच्छी बात कह कर काम पर लगाते हैं. लेकिन, बाद में पैसा मांगने पर डांट-फटकार लगाते हैं. दो-तीन महीने पर एक बार पैसा मिलता था. पैसा लेने के लिए मालिक के घर पर हर तरह के काम करवाते थे. लेकिन, फिर भी पैसा नहीं मिलता था.
चूड़ी कारखानों में 17 घंटे कराया जाता था काम
सबसे ज्यादा गया जिले के 22 बच्चे, परिजनों से हो रहा संपर्क
रेस्क्यू जंक्शन में रखे गये हैं बच्चे, की जा रही काउंसेलिंग
नालंदा के 10 बच्चे
नालंदा जिले के परवलपुर थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव के रहनेवाले सुबेलाल मांझी का बेटा झिगन मांझी, किशोर मांझी का बेटा हीरा मांझी, बच्चू सिंह का बेटा मनीष कुमार, राजदो मांझी का बेटा सुजीत कुमार, वंदन मांझी का बेटा नीतीश कुमार, बल्लभ मांझी का बेटा रोहित कुमार, जोगी मांझी का बेटा नागेंद्र कुमार. नगरनौसा थाना क्षेत्र के सुलेमानचक गांव के रहनेवाले इंद्र कुमार का बेटा देवा कुमार, धनेश कुमार का बेटा गोविंद कुमार व इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मो. महबूब का बेटा मो. अब्दुल.
सहरसा का एक बच्चा
सहरसा जिले के सहरसा थाना क्षेत्र के आनंद बिहार वार्ड नंबर तीन के स्व श्रीजनाहनि यादव का बेटा बाबुल यादव उर्फ रोहित कुमार.
वैशाली के दो बच्चे
वैशाली जिले के हसनपुरा गांव के रहनेवाले बबन कुमार का बेटा प्रमोद कुमार व चेराकला गांव के स्व असरकी का बेटा अनुज कुमार.
नवादा का एक बच्चा
नवादा के डुमराना गांव के अजय मांझी का बेटा गोपाल कुमार.
दरभंगा का एक बच्चा
दरभंगा के रहनेवाले राम सुफल शाह का बेटा विकास कुमार.
समस्तीपुर के दो बच्चे
समस्तीपुर के अश्पया गांव के रहनेवाले कमलु दास का बेटा धर्मवीर कुमार व समीम का बेटा मुन्ने कुमार.
कटिहार के 10 बच्चे
कटिहार जिले के आजम नगर मुहल्ले के रहनेवाले नुरुल कर बेटा अरशद, बलराम का बेटा शोभान कुमार, सिखादी का बेटा नागेश कुमार, समसुद्दीन का बेटा कथियारूल, नाहित का बेटा वाशिम व बलिया थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव के रहनेवाले मो. हाशिम का बेटा सफर आलम, मो. मुजमिल केा बेटे मो. तोसिफ, मंजूर आलम का बेटा मो अजहरुद्दीन, हरथानपुर गांव के रहनेवाले मो. मुन्ना का बेटा मो. चिराग , मो. खुर्शीद का बेटा मो. अरबाज.
पूर्णिया के पांच बच्चे
पूर्णिया जिले के रोहता थाना क्षेत्र के सुरजानपुर गांव के रहनेवाले नरूल का बेटा हसन, मो. जाकिर का बेटा अंसार, जुबेर का बेटा इफतार, मोफिल का बेटा एहतासत, बाहिद का बेटा तोसिम.
बेगूसराय के चार बच्चे
बेगूसराय के लाखोठी थाना क्षेत्र के खेरवाल गांव के रहनेवाले मो. इस्लाम का बेटा मो. सलाहद्दीन, अरवा गांव के रहनेवाले मो. जिबराईल का बेटा मो. जियाउलाहक, मो कुरैश के बेटा मो तनवीर व पवरा गांव के रहनेवाले मो. बिगुलरहमान का बेटा मो वासिम.
पटना के सात बच्चे
पटना के फुलवारी थाना क्षेत्र के हफतामौला गांव के रहनेवाले मो. बबलू का बेटा इरफान, वादेपुर गांव के रहनेवाले नासिर का बेटा इरफान, विजयपुरा के रहनेवाले रामप्रवेश प्रसाद का बेटा कालु कुमार, कृष्णा मांझी का बेटा विक्रम कुमार, इस्लामपुर गांव के रहनेवाले मो. शाहिद का बेटा सोयल साहिल, शेखपुर गांव के रहनेवाले मो. इस्लाम का बेटा महबूब व मुश्ताक.
जहानाबाद के तीन बच्चे
जहानाबाद के मिथिलेश कुमार का बेटा संतोष कुमार, कर्ण कुमार का बेटा उदय कुमार व चन्नीरख का बेटा कुंदन कुमार.
छपरा के दो बच्चे
छपरा जिले के परौली थाना क्षेत्र के मधुबन गांव के रहनेवाले चांद अंसारी का बेटा इरफान व मिराज.
मधुबनी के छह बच्चे
मधुबनी जिले के मध्यपुर गांव के श्याम चरण का बेटा अखिलेश कुमार, मोहित सदा का बेटा राजेश कुमार, जगदीश कुमार का बेटा दिवाकर कुमार, सिपरा गांव के टुनटुन कुमार का बेटा कृष्ण कुमार, अजय कुमार व अमित कुमार.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन