गड़बड़ी: सुविधा देने के मानकों की अनदेखी साहेब चल रहे बाइक से, लेकिन सहायक को दे दी लग्जरी गाड़ी

गया: नगर निगम में योजनाओं को पूरा करने या जनसमस्याओं को दूर करने के लिए अक्सर अधिकारी-जनप्रतिनिधि पैसों की कमी का रोना रोते हैं, पर खुद पर होनेवाले खर्च का आकलन नहीं करते. गौरतलब है कि आर्थिक कमी के इस दौर में निगम के कर्मचारी लग्जरी गाड़ियों की सवारी कर रहे हैं. व्यवस्था भी ऐसी […]
व्यवस्था भी ऐसी है कि प्रभारी कार्यपालक अभियंता (जल पर्षद के कार्यपालक अभियंता हैं) मोटरसाइकिल से चलते हैं. लेकिन प्रभारी सहायक अभियंता को निगम की ओर से लग्जरी गाड़ी दी गयी है. हैरान करनेवाली बात है कि यहां पर कनीय अभियंताओं को भी सहायक अभियंता का प्रभार बोर्ड के माध्यम से ही मिला है. फिर अगर सुविधा मिलनी चाहिए, तो पहले प्रभारी कार्यपालक अभियंता को, उसके बाद उनसे नीचे के अधिकारी को. इसके अलावा संविदा पर काम कर रहे सिटी मैनेजर को भी लग्जरी गाड़ी दी गयी है. सरकार सिटी मैनेजर को जितना वेतन देती है, उससे अधिक उनकी गाड़ी पर खर्च होता है.
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