गड़बड़ी: सुविधा देने के मानकों की अनदेखी साहेब चल रहे बाइक से, लेकिन सहायक को दे दी लग्जरी गाड़ी

Published at :21 Jul 2017 11:27 AM (IST)
विज्ञापन
गड़बड़ी: सुविधा देने के मानकों की अनदेखी साहेब चल रहे बाइक से, लेकिन सहायक को दे दी लग्जरी गाड़ी

गया: नगर निगम में योजनाओं को पूरा करने या जनसमस्याओं को दूर करने के लिए अक्सर अधिकारी-जनप्रतिनिधि पैसों की कमी का रोना रोते हैं, पर खुद पर होनेवाले खर्च का आकलन नहीं करते. गौरतलब है कि आर्थिक कमी के इस दौर में निगम के कर्मचारी लग्जरी गाड़ियों की सवारी कर रहे हैं. व्यवस्था भी ऐसी […]

विज्ञापन
गया: नगर निगम में योजनाओं को पूरा करने या जनसमस्याओं को दूर करने के लिए अक्सर अधिकारी-जनप्रतिनिधि पैसों की कमी का रोना रोते हैं, पर खुद पर होनेवाले खर्च का आकलन नहीं करते. गौरतलब है कि आर्थिक कमी के इस दौर में निगम के कर्मचारी लग्जरी गाड़ियों की सवारी कर रहे हैं.

व्यवस्था भी ऐसी है कि प्रभारी कार्यपालक अभियंता (जल पर्षद के कार्यपालक अभियंता हैं) मोटरसाइकिल से चलते हैं. लेकिन प्रभारी सहायक अभियंता को निगम की ओर से लग्जरी गाड़ी दी गयी है. हैरान करनेवाली बात है कि यहां पर कनीय अभियंताओं को भी सहायक अभियंता का प्रभार बोर्ड के माध्यम से ही मिला है. फिर अगर सुविधा मिलनी चाहिए, तो पहले प्रभारी कार्यपालक अभियंता को, उसके बाद उनसे नीचे के अधिकारी को. इसके अलावा संविदा पर काम कर रहे सिटी मैनेजर को भी लग्जरी गाड़ी दी गयी है. सरकार सिटी मैनेजर को जितना वेतन देती है, उससे अधिक उनकी गाड़ी पर खर्च होता है.

गाड़ियों पर निगम का खर्च
प्रभारी सहायक अभियंता की गाड़ी का मासिक किराया 24,000 रुपये लगभग
गाड़ी पर डीजल का खर्च एक महीने में 18,000 रुपये लगभग
सिटी मैनेजर की गाड़ी का मासिक किराया 24,000 रुपये लगभग
गाड़ी पर डीजल खर्च एक महीने में 13,000 रुपये लगभग
पद सृजित नहीं, फिर भी मिला प्रभार
सफाई प्रभारी के नाम से नगर निगम में कोई पद सृजित नहीं है. सफाई व्यवस्था की जिम्मेवारी स्वास्थ्य पदाधिकारी के निगरानी में रहती थी. लेकिन, कई वर्षों से स्वास्थ्य पदाधिकारी का पद नगर निगम में खाली पड़ा है. निगम के अधिकारियों ने इस व्यवस्था की देखरेख के लिए अपनी ओर से सफाई प्रभारी का पद बना दिया है. इस पद पर निगम के एक प्रभारी सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार सिन्हा को सफाई प्रभारी बना दिया गया है. जिम्मेवारी देना अलग बात है, लेकिन यहां कागजी आदेश पर भी इनके पद का उल्लेख रहता है. जानकार बताते हैं कि किसी से काम लेना अलग बात है, लेकिन कागजी आदेश या पत्र में इस पद का उल्लेख करना नियम के विरुद्ध है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन