ऐसी कोई गली नहीं, जो कीचड़-मिट्टी से सनी नहीं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :07 Jul 2017 10:40 AM (IST)
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नारकीय. नाले का सिल्ट सड़क पर, लोगों की हो रही फजीहत गया : नगर निगम ने बरसात से पहले नाले की सफाई के बाद सिल्ट निकाल कर सड़क किनारे ही छोड़ दिया. ऐसे में सड़क से गुजरनेवाले लोगों को काफी फजीहत उठानी पड़ रही है. बार-बार शिकायत करने के बाद भी लोगों को इस समस्या […]
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नारकीय. नाले का सिल्ट सड़क पर, लोगों की हो रही फजीहत
गया : नगर निगम ने बरसात से पहले नाले की सफाई के बाद सिल्ट निकाल कर सड़क किनारे ही छोड़ दिया. ऐसे में सड़क से गुजरनेवाले लोगों को काफी फजीहत उठानी पड़ रही है. बार-बार शिकायत करने के बाद भी लोगों को इस समस्या से निजात नहीं मिल सकी है. बारिश होने पर यही सिल्ट पूरे सड़क पर कीचड़ बन कर फैल जाता है.
लोगों का कहना है कि तीर्थनगरी होने के बाद भी शहर की दुर्गति हो गयी है. ऐसी कोई गली नहीं, जहां कीचड़ न हो. निगम की बैठकों में लंबी-लंबी बातें की जाती हैं, लेकिन उस पर अमल नहीं किया जाता है. सिल्ट उठाव समय पर नहीं होने को लेकर पार्षद बार-बार अधिकारी के पास शिकायत करते हैं. हर बार अधिकारी लेबर कम होने का बहाना बना कर बात को टाल दिया जाता है. पिछले दिनों बोर्ड की बैठक में भी कई पार्षदों ने इस मामले को उठाया था.
एक व्यक्ति के पास है कई विभागों का प्रभार
जानकारी के अनुसार, निगम का काम समय पर नहीं होने का सबसे बड़ा कारण एक व्यक्ति के पास कई विभागों का प्रभार होना है. प्रभारी सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार सिन्हा के पास स्वास्थ्य, राजस्व, योजना, जनगणना व स्थापना की जिम्मेवारी है. किसी इंजीनियर को प्रभारी स्वास्थ्य पदाधिकारी बनाया जाना किसी स्तर पर स्वीकार्य योग्य नहीं है. इसके साथ ही इसी इंजीनियर को योजनाओं की निगरानी करना, राजस्व की जांच करना, जनगणना का काम व स्थापना संबंधी काम देखने का काम दिया गया है. इन सभी कामों का संपादन सफलता पूर्वक एक व्यक्ति के लिए करना संभव नहीं है.
काफी देर से शुरू की गयी नालों की सफाई
विभाग द्वारा 10 जून तक शहर के नालों की सफाई करने का आदेश जारी किया गया था. इसके बाद नगर आयुक्त ने सफाई की तिथि 30 जून तक कर दी. इसके बाद भी सभी नालों की सफाई नहीं करायी जा सकी है. जुलाई माह में भी कई नालों की सफाई की जा रही है. शहर के 250 नालों की सफाई में लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गयी है. अब तक नालों की सफाई पर 82.55 लाख रुपये का पेमेंट निगम से किया जा चुका है.
यह सच है कि कई जगहों पर सिल्ट का उठाव नहीं किया जा सका है. इसका मुख्य कारण है कि बारिश के चलते बहुत कम सफाई कर्मचारी निगम में पहुंच रहे हैं. सिल्ट निकालने के बाद पानी पड़ने के कारण कचरा और गीला हो गया है. इसके चलते उठाव में परेशानी आ रही है. एक सप्ताह के अंदर सारी समस्याएं दूर कर ली जायेंगी. लोगों को इसके बाद परेशान नहीं होना होगा.मोहन श्रीवास्तव, डिप्टी मेयर
शहर में नालों की सफाई गरमी के दिनों में ही शुरू करनी होगी. एक दिन बाद सिल्ट का उठाव करना सुनिश्चित करना होगा. साथ ही शहर के पुराने अंडर ग्राउंड नालों की सफाई नदी की ओर से करना होगा. विभिन्न सड़कों के किनारे वाटर सप्लाइ पाइपलाइन व कोर को ऊंचा कर दिया गया है. इसके कारण बारिश का पानी बीच सड़क पर जमा हो जाता है. शहर की स्थिति देखी जाये, तो पुराने ड्रेनेज सिस्टम को सुरक्षित नहीं किया जा रहा है.
बृजनंदन पाठक, समाजसेवी
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