मौसम का असर: 24 घंटे में एइएस पीड़ित एक भी बच्चा अस्पताल नहीं पहुंचा, भर्ती तीन बच्चों की सेहत में सुधार

मौसम खुशनुमा हुआ तो एसकेएमसीएच के पीआइसीयू में 24 घंटे में चमकी बुखार से पीड़ित एक भी बच्चा भर्ती नहीं हुआ. वहीं जिन तीन बच्चों में एइएस पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी, उसकी भी हालत में सुधार हो रहा है. शनिवार को पीकू वार्ड में भर्ती तीनों बच्चों ने खाना भी खाया है़
मुजफ्फरपुर. आंधी व बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हुआ तो एसकेएमसीएच के पीआइसीयू में 24 घंटे में चमकी बुखार से पीड़ित एक भी बच्चा भर्ती नहीं हुआ. वहीं जिन तीन बच्चों में एइएस पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी, उसकी भी हालत में सुधार हो रहा है. शनिवार को पीकू वार्ड में भर्ती तीनों बच्चों ने खाना भी खाया है़ उसकी हालत डॉक्टर सामान्य बता रहे हैं. एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड के बाहर बैठी माताएं भी अपने बच्चों से मिली और खाना खिलाया.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ गोपाल शंकर सहनी ने कहा कि मौसम अगर बदले और बारिश हो जाये तो बीमारी अपने आप खत्म होने लगती है. जो बच्चे भर्ती हैं, उनमें भी जल्द सुधार होने लगता है. उन्होंने कहा कि वह पिछले 14 सालों से ऐसे पीड़ित बच्चों का इलाज कर रहे हैं. इसकी मुख्य वजह बढ़ता तापमान है. उन्होंने कहा कि पटना एम्स की टीम एइएस का कारण पता करने जिले में आयी हुई है, वह गांव में उन बच्चों के घर जाकर शोध कर रही है कि उनके घर का तापमान क्या रहता है. मौसम बदलने पर बच्चे की एक्टिविटी क्या रहती है.
अब शिशु व उसकी माताओं की निगरानी स्वास्थ्य मुख्याल से की जायेगी. इसके लिये हर एएनएम को टैब दी गई हैं. इस टैब के जरीए एएनएम हर दिन मातृ शिशु अस्पताल में भर्ती होने वाली माताएं और उसके बच्चे की पूरी डिटेल ऑनलाइन आपलोड करेगी. हर दिन कितने प्रसव हुए व उसके बच्चे स्वस्थ है या नहीं, इसकी जानकारी अपलोड की जायेगी. एएनएम को इसके लिये एक मई से अनमोल एप से काम करेंगी. इसके साथ ही एनएम अनमोल एप से ही मरीजों की बीमारियों की इंट्री करेंगी और डाटा तैयार करेंगी.
जिला कार्यक्रम प्रबंधक बीपी वर्मा ने बताया कि एनएम को प्रशिक्षण दिया गया है. सबको अब टैबलेट पर काम करना होगा. महिलाओं की सभी जांच रिपोर्ट इस एप पर लोड की जाएगी, ताकि जच्चे-बच्चे के स्वास्थ्य के सटीक आंकड़े प्राप्त हो सकें. इसमें टीकाकरण सहित कई कार्य इसी एप से संचालित होंगे. इसकी मॉनिटरिंग जिला सहित प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर अधिकारी कर सकेंगे. एप पर गर्भवती महिला और नवजात शिशु की मॉनिटरिग की जाएगी. इसे लागू करने के लिए विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है.
सिविल सर्जन डॉ सुभाष कुमार ने कहा कि सभी एएनएम को टैबलेट देने की योजना बनाई है. जिसके माध्यम से वह पूरा रिकार्ड आनलाइन करेंगी. सरकार का मानना है कि इस पहल से कार्यो में उचित गति आएगी. क्योंकि टैबलेट मिलने के बाद एएनएम को दिन में किए गए कार्यों का विवरण अनमोल एप के माध्यम से आरसीएच पोर्टल पर फीड हाेगा. मुख्यालय से लेकर आला अधिकारी इसकी आसानी से मानीट्रिंग कर सकेंगे.
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