आशा को डिजिटल बनाने के लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन, 50 आशा हुईं ट्रेंड

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 25 Jun 2024 5:09 PM

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आशा को डिजिटल बनाने के लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन, 50 आशा हुईं ट्रेंड

East Champaran: डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट बनाने का काम बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इस एप्प की ट्रेनिगं पूरे बिहार की आशा कार्यकर्ताओं को दी जाएगी. इसकी शुरुआत बिहार के पूर्वी चंपारण से हो गई है.

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East Champaran: डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट बनाने का काम बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इस एप्प की ट्रेनिगं पूरे बिहार की आशा कार्यकर्ताओं को दी जाएगी. इसकी शुरुआत बिहार के पूर्वी चंपारण से हो गई है. पटना से आई टीम ने एम आशा एप का प्रशिक्षण जिला के आशा कार्यकर्ताओं को कराया. जिसमें एम आशा एप के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई.

आशा कार्यकर्ता अब एम-आशा एप के माध्यम से बीमारी सहित अन्य असुविधाओं को सीधे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगी. ‘एम आशा एप’ से आशा गांव में होने वाली जन्म, मृत्यु, प्रसव, फाइलेरिया, मलेरिया, एईएस, बुखार, डायरिया सभी प्रकार की बीमारी समेत अन्य गतिविधियों की भी जानकारी देंगी. गांव-गांव के सर्वे के बाद जो डेटा उपलब्ध होगा उसको आशा अपलोड करेंगी. इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को रजिस्टर में लिखने-पढ़ने की परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी.

बिहार हेल्थ डिजिटालाइजेशन मुहिम के तहत पूर्वी चम्पारण जिले के 6 प्रखंडों में क्रमश: मोतिहारी, पीपराकोठी, तुरकौलिया, बंजरिया, सुगौली और पकड़ीदयाल के आशा फैसिलेटरों, बीसीएम को ‘एम आशा एप’ उपयोग करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया. इसका एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि राज्य द्वारा जिला स्तर पर मॉनिटरिंग आसानी से की जा सकेगी.

सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली गर्भवती महिलाओं, जन्म-मृत्यु, प्रसव, फाइलेरिया, मलेरिया, एईएस, बुखार, डायरिया सहित कई अन्य प्रकार की बीमारियों के अलावा अन्य गतिविधियों को इस डिजिटल एप से जोड़ा जाएगा.

50 आशा को दी गई ट्रेनिंग

सदर अस्पताल के जीएनएम कॉलेज के सभागार में 6 प्रखंडों की 50 आशा कार्यकर्ताओं को पटना से आये भव्या ट्रेनिंग मैनेजर दुर्गा शंकर सिंह, प्रेम सिंह, अभिनीत, सत्यम, विकास कुमार के सहयोग से प्रशिक्षण दी गई. दुर्गा शंकर सिंह ने बताया कि मंगलवार को पूर्वी चम्पारण जिले के ढाका अनुमण्डलीय अस्पताल में 4 प्रखंडों में क्रमश: ढाका, बनकटवा, चिरैया, घोड़ासहन के चयनित 50 आशा फैसिलिटेटर, बीसीएम का प्रशिक्षण कराया गया.

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By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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