क्या आपने देखी है लठमार होली? जानें क्यों दुनिया भर से लोग यहां आते हैं

लठमार होली बरसाना, फोटो: AI
आपने देखी है बरसाना की मशहूर लठमार होली? जानें क्यों दुनिया भर से लोग यहां आते हैं और क्या है इसके पीछे की पौराणिक कहानी.
Lathmar Holi in Barsana: जब पूरी दुनिया रंगों और गुलाल से होली खेल रही होती है, तब मथुरा के पास बरसाना की गलियों में एक अनोखी परंपरा देखने को मिलती है. इसे हम ‘लठमार होली’ कहते हैं. बरसाना की यह होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण के अटूट प्रेम और भक्ति की याद दिलाती है. यहां नंदगांव के पुरुष (हुरियारे) आते हैं और बरसाना की महिलाएं उन पर प्यार से लाठियां बरसाती हैं. आखिर क्या वजह है कि इस अनोखी होली को देखने के लिए विदेशों से भी लोग खिंचे चले आते हैं? और इसके पीछे की पुरानी कहानी क्या है? आइए जानते हैं बरसाना की इस मशहूर लठमार होली की पूरी जानकारी.
क्या है लठमार होली और क्यों है यह इतनी मशहूर?
बरसाना की लठमार होली दुनिया की सबसे अनोखी परंपराओं में से एक है. इसमें पुरुष खुद को ढाल (Shield) से बचाते हैं और महिलाएं लाठियों से उन पर वार करती हैं.
राधा-कृष्ण का प्रेम: माना जाता है कि कृष्ण अपने दोस्तों के साथ नंदगांव से बरसाना आकर राधा और गोपियों को तंग करते थे. इसके जवाब में गोपियां उन्हें लाठियों से भगाती थीं. तब से यह परंपरा चली आ रही है.
हुरियारों की मस्ती: नंदगांव से आने वाले पुरुषों को ‘हुरियारे’ कहा जाता है. ये लोग खुद को बचाने के लिए चमड़े या कपड़े की ढाल लेकर आते हैं.
दुनिया भर से लोग: इस अद्भुत नजारे को कैमरे में कैद करने के लिए हर साल हजारों विदेशी यात्री और फोटोग्राफर्स बरसाना पहुंचते हैं.
लठमार होली 2026: कब और कैसे होती है शुरुआत?
बरसाना की होली मुख्य होली से करीब एक हफ्ता पहले ही शुरू हो जाती है.
लड्डू होली (Laddu Holi): मुख्य लठमार होली से एक दिन पहले बरसाना के ‘लाड़ली जी मंदिर’ में लड्डू होली खेली जाती है, जहां एक-दूसरे पर लड्डू फेंके जाते हैं.
लठमार होली का दिन: अगले दिन नंदगांव के लोग बरसाना पहुंचते हैं और वहां की महिलाएं लाठियों से उनका स्वागत करती हैं.
होली के गीत: शाम को मंदिर की सीढ़ियों पर बैठकर पारंपरिक ब्रज भाषा में लोक गीत गाए जाते हैं, जो माहौल को पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर कर देते हैं.
बरसाना जाने वाले लोगों के लिए कुछ जरूरी बातें
- भीड़ से सावधान: यहां लाखों की तादाद में भीड़ होती है, इसलिए अपने बच्चों और सामान का खास ख्याल रखें.
- फोटोग्राफी: अगर आप फोटो खींचना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी मंदिर पहुंच जाएं ताकि आपको अच्छी जगह मिल सके.
- सफेद कपड़े: ब्रज की होली में सफेद कुर्ते-पाजामे का अलग ही मजा है, जिस पर पड़ने वाला हर रंग उभर कर दिखता है.
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लेखक के बारे में
By Shubhra Laxmi
शुभ्रा लक्ष्मी लाइफस्टाइल और हेल्थ राइटर हैं। प्रभात खबर के साथ एक साल से जुड़ाव। हेल्थ, फैशन, फूड और न्यूमरोलॉजी में गहरी रुचि। इमोशनल डेप्थ और मोटिवेशनल इनसाइट्स के साथ लिखने का शौक।
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