मालिक को बचाने के लिए सांप से भिड़ गया कुत्ता, अपनी जान देकर खड़ी की वफादारी की मिसाल

नगर निगम क्षेत्र के गांव में बुधवार की रात चिंकी (पालतू कुत्ता) ने जान पर खेलकर अपने मालिक की जान बचायी. उसकी वफादारी की चर्चा शहर में हो रही है. चिंकी के मालिक हार्डवेयर व्यवसायी आदित्य सिंह ने बताया कि रात लगभग दस बजे वे रांटी स्थित अपने आवास के परिसर में बैठे हुए थे.
कार्तिक कुमार, मधुबनी. कुत्ता वफादार जानवर के रूप मे हमेशा ही जाना जाता है. कई ऐसे किस्से हैं, जिसमें कुत्ते की अपने मालिक की वफादारी सामने आयी है. नगर निगम क्षेत्र के गांव में बुधवार की रात चिंकी (पालतू कुत्ता) ने जान पर खेलकर अपने मालिक की जान बचायी. उसकी वफादारी की चर्चा शहर में हो रही है. चिंकी के मालिक हार्डवेयर व्यवसायी आदित्य सिंह ने बताया कि रात लगभग दस बजे वे रांटी स्थित अपने आवास के परिसर में बैठे हुए थे.
बिजली नहीं रहने के कारण परिसर में अंधेरा था. उनके बगल में ही चिंकी बैठा हुआ था. रात में उसी समय उन्हें फुंफकार की आवाज सुनायी दी. टॉर्च की रोशनी में चारों तरफ देखने पर उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया. कुछ देर बाद फुंफकार तेज आवाज में सुनाई देने लगा. टॉर्च की रोशनी में दोबारा देखने पर उनसे लगभग तीन फुट की दूरी पर एक जहरीला सांप फन काढ़े था. डर के मारे आदित्य सिंह कुर्सी से लड़खड़ा कर गिर पड़े.
पास बैठा चिंकी टॉर्च की रोशनी में जहरीले सांप को देखते ही उस पर टूट पड़ा. सांप ने कुत्ते को जकड़ लिया. दोनों एक दूसरे पर हमला कर गुत्थमगुथा हो गया. इस दौरान आदित्य सिंह ने पत्नी को आवाज देकर बुलाया और डंडे से दोनों को छुड़ाने का प्रयास किया. पर चिंकी ने सांप को तब तक नहीं छोड़ा जब तक सांप मर नहीं गया. सांप के मरते ही कुत्ता वहीं बैठ कर हांफने लगा.
टार्च की रोशनी में आदित्य ने देखा कि सांप ने कुत्ते को भी कई जगह काट लिया था. उन्होंने जानवर के डॉक्टर को फोन कर घटना की जानकारी दी. डॉक्टर ने कुत्ता को लेकर आने की बात कही. इसी दौरान कुत्ते के मुंह से झाग निकलने लगा और दस मिनट के अंदर ही उसकी भी मौत हो गयी. मरने से पहले चिंकी ने अपने मालिक की जान बचा वफादारी का सबूत पेश कर मिसाल कायम कर दिया था.
आदित्य सिंह ने बताया कि पिछले चार वर्षों से चिंकी उनके घर में पल रहा था. फरवरी 2018 में जब वह दो माह का था, तो उन्हें एक मित्र ने दिया था. घटना के बाद मृत कुत्ता को उन्होंने अपने मकान के परिसर में ही गड्ढा खोदकर दफना दिया. गुरुवार की सुबह कुत्ते को गड्ढे से निकालकर सम्मान के साथ विधिवत कुत्ते को वस्त्र आदि पहनाकर घर कैंपस में ही पुनः दफनाया गया.
उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद से उनकी 9 वर्षीय बेटी शताक्षी भारद्वाज खाना तक नहीं खा रही है. पूरा परिवार शोकाकुल है. परिवार के सभी सदस्य यह सोच कर हैरान है कि अगर चिंकी रात में नहीं होता तो क्या होता. चिंकी ने जान देकर मालिक की रक्षा की वफादारी निभाई.
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