Darbhanga News: भूमि व जल संसाधन के अधिक दोहन से तेजी से बढ़ रहा खतरा

Updated at : 12 Oct 2025 10:30 PM (IST)
विज्ञापन
Darbhanga News: भूमि व जल संसाधन के अधिक दोहन से तेजी से बढ़ रहा खतरा

Darbhanga News:बिहार की भूमि और जल संसाधनों पर राष्ट्रीय औसत से तीन गुना और वैश्विक औसत से लगभग 25 गुना अधिक जनसंख्या का दबाव है.

विज्ञापन

Darbhanga News: सदर. बिहार की भूमि और जल संसाधनों पर राष्ट्रीय औसत से तीन गुना और वैश्विक औसत से लगभग 25 गुना अधिक जनसंख्या का दबाव है. इससे इन संसाधनों के अत्यधिक दोहन और संकट का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. रविवार को राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार ने कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस खतरे से आगाह किया. डॉ कुमार ने बताया कि बिहार प्रदेश भारत के कुल भूभाग का केवल 2.8 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन यहां देश की 09 फीसदी जनसंख्या निवास करती है. इस असंतुलन के कारण भूमि और जल पर असामान्य दबाव उत्पन्न हो रहा है. उन्होंने कहा कि जहां वैश्विक स्तर पर प्रति व्यक्ति वार्षिक जल उपलब्धता लगभग छह हजार घनमीटर है, वहीं भारत में यह घटकर 1500 घनमीटर और बिहार में मात्र 1100 घनमीटर रह गई है. यह स्थिति आने वाले समय में जल संकट और मृदा क्षरण की गंभीर चेतावनी दे रही है. उन्होंने कहा कि बिहार के सतत विकास के लिए जरूरी है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जाये. भूमि की उर्वरता को बनाए रखते हुए जल प्रबंधन के आधुनिक तरीकों को अपनाया जाए. इसके साथ ही युवाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित सूक्ष्म उद्यमिता की ओर अग्रसर होना होगा. उन्होंने कहा कि जैविक खेती, मखाना प्रसंस्करण, वर्षा जल संचयन तकनीक और स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योगों के जरिए न केवल पर्यावरण को बचाया जा सकता है, बल्कि बेरोजगारी की समस्या का भी समाधान संभव है. उन्होंने कहा कि सतत विकास का अर्थ केवल संरक्षण नहीं है, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग भी उतना ही आवश्यक है. इस दिशा में अगर युवा सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ते हैं तो बिहार की कृषि और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं ने मखाना प्रसंस्करण, जल पुनर्भरण तकनीक और स्थानीय स्तर पर उद्यम शुरू करने के लिए विभिन्न सत्रों में भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PRABHAT KUMAR

लेखक के बारे में

By PRABHAT KUMAR

PRABHAT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन