उच्च शिक्षा विधेयक के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

सांकेतिक तस्वीर
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (एलएनएममूटा) के आह्वान पर एमकेएस कॉलेज, चंदौना के शिक्षकों ने प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने विधेयक से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षक हितों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर चिंता जताई.
Darbhanga News: प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (एलएनएममूटा) के आह्वान पर एमकेएस कॉलेज, चंदौना के शिक्षकों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया. शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, उच्च शिक्षा व्यवस्था तथा शिक्षक हितों को प्रभावित कर सकता है.
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर जताई चिंता
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और शैक्षणिक स्वतंत्रता को बनाए रखना आवश्यक है. उनका मानना है कि प्रस्तावित विधेयक से विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली और शिक्षक हित प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की.
विरोध के बावजूद शैक्षणिक कार्य रहा सामान्य
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के बावजूद महाविद्यालय में पठन-पाठन, परीक्षा और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह सामान्य एवं निर्बाध रूप से संचालित होते रहे. विद्यार्थियों की कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा.
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में कॉलेज शिक्षक संघ की अध्यक्ष डॉ. ममता पाण्डेय, सचिव मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. लाल बाबू सहनी, सह सचिव डॉ. बबीता कुमारी, डॉ. जय प्रकाश झा, कोषाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार, डॉ. ज्योतीन्द्र कुमार, डॉ. मनीष यादव, डॉ. खुशबू कुमारी, डॉ. ओमप्रकाश प्रभाकर, डॉ. आफताब आलम, डॉ. इरशाद हुसैन, श्रीमती शीतल कुमारी, डॉ. सुधांशु शेखर झा, डॉ. मिथिलेश कुमार, डॉ. उमाशंकर कुमार, उमेश कुमार एवं गौरव कुमार सिंह सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे.
यह भी पढ़ें: सरकारी स्कूलों की खुली पोल! निरीक्षण में पढ़ाई छोड़ मोबाइल चलाते मिले शिक्षक
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










