LNMU: लनामिवि में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप

धरना पर बैठे लनामिवि कर्मचारी संघ से जुड़े शिक्षकेत्तर कर्मी | Prabhat Khabar Network
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन विश्वविद्यालय मुख्यालय के सभी प्रशासनिक विभागों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. हड़ताल के पहले ही दिन विश्वविद्यालय मुख्यालय के लगभग सभी प्रशासनिक विभागों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया. कार्यालयों में ताला लटक गया और कर्मचारी प्रशासनिक भवन के पोर्टिको में धरने पर बैठ गए. इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
लंबित मांगों पर प्रशासन पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
धरना का नेतृत्व विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शंकर प्रसाद सिंह, सचिव मनोज कुमार राम, प्रदेश अध्यक्ष शंकर यादव, उपाध्यक्ष अशोक कुमार अरविंद, भोला पासवान, संगठन मंत्री रामसेवक भारती, संयुक्त सचिव अशोक कुमार दास, कोषाध्यक्ष अमृत नाथ झा सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया. नेताओं ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 से लगातार ज्ञापन और मांगपत्र सौंपने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा, लेकिन किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि एक और दो मई को भी कलमबंद हड़ताल की गई थी. उस समय प्रशासन ने एक माह के भीतर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार पर डाली.
छात्रों और शोधार्थियों को हुई परेशानी
हड़ताल का सबसे अधिक असर छात्रों, शोधार्थियों और अन्य आवेदकों पर पड़ा. प्रमाणपत्र, नामांकन, परीक्षा, पेंशन, सेवा संबंधी और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर-दराज से पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा. इससे उन्हें समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानी उठानी पड़ी. पूरे दिन विश्वविद्यालय में सामान्य प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित रहीं.
वार्ता बेनतीजा, नहीं बनी सहमति
कुलानुशासक प्रो. विजय कुमार यादव, उप कुलानुशासक डॉ. कामेश्वर पासवान तथा डब्लूआईटी निदेशक प्रो. अजय नाथ झा ने कर्मचारियों से वार्ता कर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण वार्ता बेनतीजा रही. कर्मचारियों ने दोहराया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
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